श्रीडूंगरगढ से महज 11 किलोमीटर दूर 250 घरों के आबादी वाला गाँव सरकार के दावों की खोल रहा पोल, जिम्मेदारों को जिलाधीश के आदेशों की नहीं परवाह, पढ़े खबर

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समाचार-गढ़ 27 सितम्बर 2020। कहने को तो सातलेरा गांव राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या ग्यारह पर उपखंड प्रशासन से ग्यारह किलोमीटर दूर स्थित है लेकिन वर्तमान परिस्थिति को देखकर ऐसा लगता जैसे आदिवासी क्षेत्र मे निवास करते है। कहते है कि इन्सान के लिए जल जरूरी होता है जल के बिना जीवन नही है लेकिन विडम्बना है कि सातलेरा गांव के लोग जल की एक एक बूंद के लिए तरस रहे सरकार के उन दावों की पोल खोल रहे हैं जहां सरकार जल संरक्षण के नाम पर लाखों-करोड़ो रूपये पानी की तरह बहा रही है। आम लोगों तक सुलभ पेयजल उपलब्ध कराने का ढींढोरा पीट रही है।
सातलेरा गांव मे पेयजल के नाम पर एक मात्र नलकूप है। दो सौ पचास घरों की आबादी वाले इस गांव मे यह नलकूप खराब हो जाये तो प्यास बुझाने के लिए दूसरा कोई भी साधन नही है। अगर एक नलकूप हो ओर वो भी कई दिनो तक खराब रह जाये तो गांव की क्या स्थिति होती है किसी को भी बताने की जरूरत नही है।जहां एक तरफ सरकार ने निर्देश दे रखे है कि जिस गांव मे पेयजल के नाम पर एक मात्र जल स्रोत हो तो चौबीस घंटे से ज्यादा समय तक बंद नही रखे तथा जिला कलेक्टर ने भी जलदाय विभाग को सख्त हिदायत दे रखी है कि जिस गांव में पानी की समस्या है वहां तुरंत प्रभाव से ध्यान दिया जाये, लेकिन हमारे जलदाय विभाग को इन आदेश की कोई भी परवाह नहीं है ओर ना ही ग्रामीणों की समस्या से सरोकार है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतान पड़ रहा है।
सातलेरा गांव के ग्रामीणो ने बताया कि गांव का दुर्भाग्य है कि गांव का एक मात्र नलकूप खराब पड़ा है। जिसको सुचारू करने में जलदाय विभाग के जिम्मेदार कई दिन लगा देते है। ग्रामीणो ने बताया कि गांव का नलकूप पिछले दस बारह दिन से खराब पड़ा है हालांकि तीन दिन पूर्व जलदाय विभाग ने मोटर लगाकर नलकूप चालू भी किया था लेकिन दो दिन चलने के बाद नलकूप की मोटर गुरुवार को फिर से जल गई ।
कई दिनों तक नलकूप खराब रहने से घरों के जल भण्डारण भी सूख चुके है ग्रामीण मंहगे दाम देकर टेंकर डलवाने को मजबूर है। ग्रामीणो ने बताया कि विभाग द्वारा कमजोर मोटर लगाई जाती है जो कुछ समय बाद ही जल जाती है। बार बार नलकूप की मोटर जलने से ग्रामीणो का धैर्य भी जबाव देने लग गया है।
ग्रामीणो ने वर्तमान हालात को देखते हुए उपखंड प्रशासन सहित जिला प्रशासन से गांव के एक मात्र खराब पड़े नलकूप को शीघ्र नई उच्च क्षमता की मोटर लगाकर पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
हालांकि जलदाय विभाग ने शनिवार शाम को खराब नलकूप की सुध लेते हुए नलकूप की मोटर को बाहर निकाला है। जलदाय विभाग कार्मिक का कहना है कि इसी मोटर को पुनः तैयार करके मंगलवार तक नलकूप में लगाकर पेयजल व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।
ग्रामीणों में इस बात का मलाल हैं कि गांव का एक मात्र नलकूप होने के बावजूद भी जलदाय विभाग बार बार पुरानी मोटर को तैयार कर नलकूप को ठीक करने की इतिश्री कर रहा है।

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