समायोजित शिक्षाकर्मी संघ ने की प्रेस वार्ता। शिक्षकों के साथ हो रहे भेदभाव को बताया गलत

0

समाचार-गढ़ 30 सितम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान समायाजित शिक्षाकर्मी संघ राजस्थान द्वारा उच्चतम न्यायालय के निर्णय की अनुपालन में राज्य सरकार द्वारा पेंशन आदेश जारी नहीं करने को लेकर समायोजित शिक्षाकर्मी संघ ने पत्रकार वार्ता बुधवार को यहां के होटल इंद्रलोक में आयोजित की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें समान कार्य समान परिलाभ से वंचित किया जा रहा है। जब वर्ष 2011 में सरकार ने अनुदानित विद्यालय से सरकारी सेवा में समायोजित किया उस समय पूर्व के भांति बने नियम के अनुसार सरकारी भत्ते मिलने की मांग की गई थी। उस समय की मांगों को दर किनार कर नए तरह के नियम बनाये गए व उन्हें पेंशन सेवा, ग्रामीण छेत्र में अनिवार्य सेवा, पेंशन नियम 1996 से वंचित किया जा रहा है। इस संशोधन पर उच्च न्यायालय जोधपुर के निर्णय में कार्मिकों की नियुक्ति 2004 से पूर्व मानते हुए 1996 का लाभ दिया जाने का आदेश हुआ था। यहां न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करने, कार्मिकों के पेंशन लंबित रखने व न्यायालय प्रक्रिया के जाल में फंसाने रखने के लिए पुर्नविचार याचिका राज्य सरकार द्वारा न्यायालय में लगा रखी है। जिसके कारण समायोजित शिक्षकों को पूर्ण लाभ नहीं मिल रहे है। राज्य सरकार चुनावी घोषणाओं में तो घोषणा करती है। परन्तु बाद में अपने वादे भूल जाती है। वार्ता मे सत्यप्रकाश बाना, मांगीलाल जाखड़, हनुमंत सिंह, डॉ.प्रभा पारीक मौजूद रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here