किसानों ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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समाचार-गढ़ 14 सितम्बर 2020।
हरियाणा के पीपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए किसान विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा के देशव्यापी आह्वान के तहत श्रीडूंगरगढ़़ तहसील कमेटी के बैनर तले उपखंड अधिकारी कार्यालय श्रीडूंगरगढ़़ के आगे सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान नेता कॉमरेड मोहनलाल भादू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का वादा किया था। लेकिन सरकार कोरोना महामारी को अवसर मानकर 5 जून को तीन अध्यादेश आनन-फानन में लेकर आई, जो किसानों व छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। वहीं तीन दिन पहले हरियाणा के पिपली में इन अध्यादेशों को वापिस लेने की मांगों को लेकर किसान शान्तिपूर्वक विरोध जता रहे थे। उन पर सरकार के इशारे पर लाठियां बरसाई गई। इससे क्षेत्र के किसानों में भी रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय किसान सभा तहसील अध्यक्ष अमरगिरी ने कहा कि केन्द्र सरकार एक्ट 2003 को संशोधित करके नया बिल लेकर आई है, जिससे किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करना चाहती है। जो असहनीय है। समय रहते इसको वापस नहीं लिया जाता है तो किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा। तहसील सचिव राजेन्द्र जाखड़, एसएफआई जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिद्ध ने भी अपने विचार रखे। विरोध-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम दस सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इस दौरान देराजसर के पूर्व सरपंच दानाराम भादू, पूर्व तहसील अध्यक्ष भंवरलाल भुंवाल, पूर्व पंचायत समिति सदस्य पेमाराम नायक, दौलतराम मेघवाल, किसान नेता काननाथ सिद्ध, गोपाल भादू, मामराज आंवला, सूरजाराम आँवला, एसएफआई तहसील अध्यक्ष विवेक लावा, मुकेश भुंवाल, राजाराम मूंड,रामधन जाखड़ सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।

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