राजस्थान में मास्क नहीं पहनने पर लगेगा 2000 रुपये का जुर्माना

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समाचार-गढ़ 31 अक्टूबर 2020। राजस्थान में अब कोरोना काल में बिना मास्क पहने दिखाई देने पर भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके लिए अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा में महामारी संशोधन अधिनियम बिल लेकर आई है। जिसमें मास्क नहीं पहनने पर 500 से 2000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस तरह का कानून बनाने के पीछे सरकार का तर्क है कि कोरोना काल में अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में लोग लापरवाह भी हो गए हैं। वहीं विपक्ष का कहना है की इस कानून की आड़ में सरकार पैसे उगाही का कम करना चाहती है। राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा, जिस पर सोमवार या मंगलवार को चर्चा हो सकती है।

बिल में क्‍या है

इसमें प्रावधान है कि सड़क पर बिना मास्क पहने मिलने पर संबंधित अधिकारियों को चालान काटने का अधिकार होगा। जुर्माने की राशि 500 रुपये तय की गयी है। दुकानदारों के लिए यह जरूरी होगा कि वे मास्क पहने लोगों को ही दुकान में प्रवेश दे। नो मास्क-नो एंट्री के नियम को सख्ती से हर जगह लागू किया जाए, क्योंकि सरकार खुद यह बात मानती है कि जब तक दवा नहीं आती तब तक मास्क पहनने, दो गज की दूरी बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने जैसे उपाय अपनाकर ही कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्ष ने कोरोना रोकने के लिए सरकार के प्रयासों में साथ होने की बात तो कही, लेकिन यह भी स्‍पष्‍ट कर दिया कि इस कानून का उपयोग सरकार केवल अपना खजाना भरने के लिए कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि जिस तरह यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लाइट ट्रैफिक पुलिस को जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया गया है, ठीक उसी तरह इसमें भी अब लोगों को चलन काटकर परेशान किया जाएगा।

दरअसल, राजस्थान सरकार ने नो मास्क-नो एंट्री का नियम पहले ही बना रखा है, जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में बिना मास्क के प्रवेश को रोक दिया गया है। सरकार खुद मानती है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क ही एक मात्र उपाय है। वैसे भी अब राजस्थान में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2 लाख के पास पहुंचने वाली है, लेकिन रिकवरी दर इस वक़्त 91 फीसदी पर होना सरकार के लिए राहत की बात है। हालांकि हर दिन करीब 1800 नए संक्रमित मरीजों का मिलना, एक्टिव मरीजों की संख्या अब भी 15 हजार से ज्यादा का रहना और 10 से भी ज्यादा अनुमानित मौत हर रोज सामने आना सरकार के लिए अनलॉक के इस पीरियड में सबसे ज्यादा परेशानी वाली बात साबित हो रही है। शायद यही कारण है कि मास्क की कोरोना संक्रमण रोकने में उपयोगिता को धयान में रखते हुए अशोक गहलोत सरकार यह कानून लेकर आ रही है।

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