शिक्षा मंत्री के बयान का निजी स्कूल संचालाकों ने किया विरोध, देंगे धरना

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समाचार-गढ़ 25 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़। आरटीई पुनर्भरण भुगतान को लेकर शिक्षा मंत्री के बेतुके बयान से क्षेत्र की निजी स्कूल संचालकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने दो दिन पहले बयान दिया था कि जब निजी स्कूलें खुली ही नहीं तो आरटीई का भुगतान क्यों करें।मंत्री के इसी बयान पर विरोध प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को निजी विद्यालय संगठन स्कूल शिक्षा परिवार की एक बैठक कालूबास की सरस्वती उच्च माध्यमिक स्कूल में आयोजित की गयी।
बैठक में स्कूल शिक्षा परिवार के जिला उपाध्यक्ष मूलचंद स्वामी ने कहा कि बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निःशुल्क अध्यनरत विद्यार्थियों के पुनर्भरण को रोकने का अधिकार सरकार को नहीं है।ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश स्वामी ने कहा कि शिक्षा मंत्री को अपना वापस लेना होगा और यदि 27 दिसम्बर तक बयान वापिस नहीं लिया तो हमें मजबूरन जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा,जिसकी समस्त जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की होगी।जिला मीडिया प्रभारी प्यारेलाल ढुकिया ने कहा कि जब सरकारी अधयापकों को वेतन बराबर दिया जा रहा है तो निजी स्कूलों को अपने अधिकार से क्यों रोका जा रहा है।इस दौरान 28 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने के लिए क्षेत्र की सभी निजी शिक्षण संस्थाओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।इस अवसर पर स्कूलें पुनः शुरू करने,पोर्टल खोलने,परीक्षा फॉर्म,वर्क बुक एवं पाठ्यक्रम, शिक्षण शुल्क व अन्य स्कूली समस्याओं पर चर्चा की गई।बैठक में धूड़ाराम गोदारा, रामलाल जाखड़, विनोद बेनीवाल,सुरेन्द्र महावर, पार्वती शर्मा,प्रमोद सारस्वत, रामलाल मौर्य, महेंद्रसिंह राठौड़, दुर्गाप्रसाद पालीवाल,सूर्यकांत चूरा सहित अनेक निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई एवं शिक्षा मंत्री के बयान की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

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