संकष्ट चतुर्थी व्रत आज जानें आज दिनांक 2 मार्च 2021 का पंचांग व विशेष बातें, पंडित श्रवण भारद्वाज के साथ

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संकष्ट चतुर्थी व्रत आज, जाने आज का पंचाग व विशेष बातें पँ. श्रवण भारद्वाज के साथ –
दिनांक :- 02 मार्च 2021
वार :- मंगलवार
तिथि :- चतुर्थी
पक्ष :- कृष्ण
माह :- फाल्गुन
नक्षत्र :- चित्रा
योग :- गण्ड 09:31 तक तत्पश्चात वृद्वि योग
करण :- बव 16:21 बजे तक तत्पश्चात बालव
चन्द्र राशि  :-  कन्या  16:28 बजे तक तत्पश्चात तुला
सूर्य राशि :- कुम्भ
रितु :- शिशिर
आयन :- उत्तरायण
संवत्सर :- शार्वरी
विक्रम संवत :- 2077 विक्रम संवत
शाका संवत :- 1942 शाका संवत
सूर्योदय:- 06:58 बजे
सूर्यास्त :- 18:33  बजे
दिन काल  :- 11 घण्टे 34 मिनट
रात्री काल :- 12 घण्टे 24 मिनट
चंद्रास्त:- 09:04 बजे
चंद्रोदय :- 21:54 बजे
राहू काल :- 15:40 – 17:07 अशुभ
अभिजित :- 12:23 -13:09 शुभ
पंचक :- नहीं
दिशाशूल :- उत्तर दिशा में
समय मानक :- मोमासर (बीकानेर)
चोघडिया, दिन
रोग :- 06:59 – 08:26 अशुभ
उद्वेग :- 08:26 – 09:53 अशुभ
चर :-  09:53 – 11:19 शुभ
लाभ :-  11:19 – 12:46 शुभ
अमृत :- 12:46 – 14:13 शुभ
काल :- 14:13 – 15:40 अशुभ
शुभ :- 15:40 – 17:07 शुभ
रोग :- 17:07 – 18:34 अशुभ
चोघडिया, रात
काल :- 18:34 – 20:07 अशुभ
लाभ  :- 20:07 – 21:40 शुभ
उद्वेग :- 21:40 – 23:13 अशुभ
शुभ :- 23:13 – 24:46* शुभ
अमृत :- 24:46* – 26:19* शुभ
चर :-  26:19* – 27:52* शुभ
रोग :- 27:52* – 29:25* अशुभ
काल :- 29:25* – 30:58* अशुभ
⛅ व्रत पर्व विवरण – अंगारकी-मंगलवारी चतुर्थी  (सूर्योदय से 03 मार्च प्रातः 02:58 तक), संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:54)
 💥 विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।
✏️ तिथि के स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्नहर्ता गणेश जी है।
🪙 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी-     चित्रा नक्षत्र के देवता विश्‍वकर्मा जी एवं चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव जी है ।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है। यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-गणेश मंदिर में लड्डू दान करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार- : श्रीगणेश चौथ व्रत, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
✍🏼 विशेष –  चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
⚜️ चतुर्थी को गणपित जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है, कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है ।
चतुर्थी को गणेश जी के परिवार के सदस्यों के नामो का स्मरण, उच्चारण करने से भाग्य चमकता है, शुभ समय आता है
यदि चतुर्थी तिथि यदि गुरुवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है, इस समय में शुभ कार्य करना वर्जित है।
लेकिन यदि चतुर्थी तिथि शनिवार को होती है तो वह सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किया गया कार्य सिद्ध होता है।
🌷 मंगलवारी चतुर्थी🌷
🙏🏻 मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग
🙏🏻 मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।
👉🏻 मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
🌷 मंगलवारी चतुर्थी🌷
🙏 अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है
🌷 बिना नमक का भोजन करे
🌷  मंगल देव का मानसिक आह्वान करो
🌷  चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |
🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷
🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और  जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
🌷 ॐ अविघ्नाय नम:
🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:

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