सरकारी अनुदान और भामाशाहों के दान की राशि पर कुंडली मार कर बैठा है जिला प्रशासन और जिला रसद विभाग , गरीबों को गेहूं के अलावा कोई भी राशन नहीं मिल रहा श्रीडूंगरगढ़ के गांवों में – डॉ विवेक माचरा

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श्रीडूंगरगढ़ 6 अप्रेल 2020। अशोक गहलोत सरकार कोरोना वैश्विक महामारी में गांवों में गरीबों को राशन और भोजन के लिए आवश्यक सामग्री जरूरतमंदों को देने की बड़ी बड़ी बातें और विज्ञापन दिलवा रही है लेकिन श्रीडूंगरगढ़ अंचल के गांवों में गरीबों को भोजन के लिए आवश्यक सामग्री के नाम पर सिर्फ गेहूं का वितरण कर सिर्फ कागजी और हवाई बातें की जा रही है । श्रीडूंगरगढ़ के युवा नेता डॉ विवेक माचरा ने बताया कि श्रीडूंगरगढ के गांवों में प्रतिदिन मेहनत कर अपना पेट पालने वाले गरीब लोग भूख मरने और लोगों के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो रहे हैं। किसी भी गांव में राशन डिपो होल्डर को सरकार तेल , चीनी , चावल , दाल , मसाले उपलब्ध नहीं करा पा रही है और गरीब लोग पुलिस और प्रशासन के सामने लाचार हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच , ग्राम विकास अधिकारी और राशन डिपो होल्डर भी सरकार और प्रशासन की इस भयंकर लापरवाही के सामने मजबूर साबित हो रहे हैं । डॉ विवेक माचरा ने कहा कि सरकार एक अोर भामाशाहों से अनुदान लेती जा रही है लेकिन गांवों में चावल दाल तक नहीं भेज रही है , इससे इस पूरे सिस्टम में भ्रष्टाचार की बू आ रही है कि श्रीडूंगरगढ के गांवों में राशन डिपो में सिर्फ गेहूं के अलावा कोई सामग्री नहीं होना साफ तौर पर जिला रसद विभाग का लापरवाह होना साबित कर रहा है। डॉ विवेक माचरा ने राज्य सरकार , राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि इस संवेदनशील विषय पर तुरन्त कार्यवाही कर श्रीडूंगरगढ़ अंचल के प्रत्येक गांव में राशन डिपो में पूरी सामग्री का वितरण किया जाए , अन्यथा गरीब जनता के भूख की लड़ाई सरकार पर भारी पड़ेगी । गौरतलब है कि पीड़ित परिवार जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम और डॉ विवेक माचरा से वीडियो काल और रिकॉर्डिंग के माध्यम से राशन सामग्री वितरण की अपील कर रहे हैं ।

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