आज हैं नवमी, मंगलवार जाने आज का शुभ पंचाग व विशेष बातें पँ. श्रवण भारद्वाज के साथ

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दिनांक – 23 मार्च 2021
वार – मंगलवार
तिथि – नवमी 10:06 बजे तक
पक्ष – शुक्ल पक्ष
माह – फाल्गुन
नक्षत्र – पुनर्वसु
योग– शोभन
करण – कौलव 10:06 बजे तक तत्पश्चात तैतुल
चन्द्र राशि  – मिथुन 16:29 बजे तक तत्पश्चात कर्क
सूर्य राशि – मीन
रितु – शिशिर
आयन – उत्तरायण
संवत्सर – शार्वरी
विक्रम संवत – 2077 विक्रम संवत
शाका संवत – 1942 शाका संवत
सूर्योदय – 06:35 बजे
सूर्यास्त – 18:45 बजे
दिन काल – 12 घण्टे 09 मिनट
रात्री काल – 11 घण्टे 48 मिनट
चंद्रोदय – 13:12 बजे
चंद्रास्त – 27:34 बजे
राहू काल – 15:43 – 17:14 अशुभ
अभिजित – 12:16 -13:05 शुभ
पंचक – नहीं
दिशाशूल – उत्तर
समय मानक – मोमासर (बीकानेर)
चोघडिया, दिन
रोग – 06:36 – 08:07 अशुभ
उद्वेग – 08:07 – 09:38 अशुभ
चर – 09:38 – 11:09 शुभ
लाभ – 11:09 – 12:41 शुभ
अमृत – 12:41 – 14:12 शुभ
काल – 14:12 – 15:43 अशुभ
शुभ – 15:43 – 17:14 शुभ
रोग – 17:14 – 18:46 अशुभ
चोघडिया, रात
काल – 18:46 – 20:14 अशुभ
लाभ – 20:14 – 21:43 शुभ
उद्वेग – 21:43 – 23:11 अशुभ
शुभ – 23:11 – 24:40* शुभ
अमृत – 24:40* – 26:09* शुभ
चर – 26:09* – 27:37* शुभ
रोग – 27:37* – 29:06* अशुभ
काल – 29:06* – 30:35* अशुभ
 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्
दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।
तिथि के स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी माँ दुर्गा और दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी है।
नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति (पृथ्वी देवी), बृहस्पति, एवं नक्षत्र के स्वामी गुरु बृहस्पति जी है ।
दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है। यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र- ‘ॐ अं अंगारकाय नम:’।
आज का उपाय- हनुमान मंदिर में मसूर की दाल दान करें।
वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इसकी अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। रिक्ता नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
जीवन में यदि कोई संकट है अथवा किसी प्रकार की अड़चनें आने से काम नही हो पा रहा है तो जातक को चाहिए की दुर्गा सप्तशती के पाठ को करे और मां दुर्गा जी को लाल पुष्प अर्पित करके अपने जीवन में आने वाले संकटों को  दूर करने की प्रार्थना करे।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
शुक्ल पक्ष की नवमी में भगवान शिव का पूजन करना वर्जित है लेकिन कृष्ण पक्ष की नवमी में शिव का पूजन करना उत्तम माना गया है।
हिंदू पंचाग की नौवीं तिथि नवमी कहलाती है। इस तिथि का नाम उग्रा भी है क्योंकि इस तिथि में शुभ कार्य करना वर्जित होता है।किसी भी प्रकार के युद्ध में विजय पाने के लिए ये तिथि अनुकूल मानी गई है।

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