कल हैं प्रदोष व्रत, जाने आज का पंचाग व अन्य जानकारी पँ. श्रवण भारद्वाज के साथ

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दिनांक – 08 अप्रेल 2021
वार – बृहस्पतिवार
तिथि– द्वादशी
पक्ष – कृष्ण
माह – चैत्र
नक्षत्र – शतभिषा
योग– शुभ
करण – कौलव 14:48 बजे तक तत्पश्चात तैतुल
चन्द्र राशि  –  कुम्भ
सूर्य राशि – मीन
रितु – शिशिर
अयन – उत्तरायण
संवत्सर – शार्वरी
विक्रम संवत – 2077 विक्रम संवत
शाका संवत – 1942 शाका संवत
सूर्योदय – 06:17 बजे
सूर्यास्त – 18:54 बजे
दिन काल – 12 घण्टे 36 मिनट
रात्री काल – 11 घण्टे 22 मिनट
चंद्रास्त – 15:40 बजे
चंद्रोदय – 28:57 बजे
समय मानक – मोमासर (बीकानेर)
राहू काल – 14:11 – 15:45 अशुभ
यम घंटा – 06:18 – 07:52 अशुभ
गुली काल – 09:27 – 11:01
अभिजित – 12:11 -13:01 शुभ
पंचक – लागू
दिशाशूल – दक्षिण दिशा
चोघडिया, दिन
शुभ – 06:18 – 07:52 शुभ
रोग – 07:52 – 09:27 अशुभ
उद्वेग – 09:27 – 11:01 अशुभ
चर – 11:01 – 12:36 शुभ
लाभ – 12:36 – 14:11 शुभ
अमृत – 14:11 – 15:45 शुभ
काल – 15:45 – 17:20 अशुभ
शुभ – 17:20 – 18:54 शुभ
चोघडिया, रात
अमृत – 18:54 – 20:19 शुभ
चर – 20:19 – 21:45 शुभ
रोग – 21:45 – 23:10 अशुभ
काल – 23:10 – 24:35* अशुभ
लाभ – 24:35* – 26:01* शुभ
उद्वेग – 26:01* – 27:26* अशुभ
शुभ – 27:26* – 28:51* शुभ
अमृत – 28:51* – 30:17* शुभ
 विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।
  – प्रदोष व्रत –
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 09 अप्रैल, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए–
–  ऐसे करें व्रत व पूजा –
 प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।
 इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।
पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।
भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करें।
–  ये उपाय करें –
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।

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