हर गांव-शहर से उठ रही है मांग। खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित को राशन दिया जाएं- सारस्वत

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समाचार-गढ़। लॉकडाउन की मार सर्वाधिक निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रही है। ये सरकारी राशन के पात्र नहीं और मांग कर खाना इनके स्वाभिमान को गवारा नहीं ऐसे में लॉकडाउन बढ़ने के साथ इन परिवारों की मुश्किलें बढ़ गयी है। जहां कई सक्षम परिवारों के लोगों द्वारा बंट रहे राशन को चारों तरफ से लेने के लिए भी होड़ सी मची है वहीं कई परिवार के मुखिया हर तरफ से राशन के कई किट एकत्र कर उन्हें बेच कर नशे की भेंट भी चढ़ा रहे है। ये निम्न मध्यमवर्गीय परिवार जो मेहनतकश होने के साथ स्वाभिमान से जीवन व्यतीत करता है ये लॉकडाउन बढ़ने की खबर से परेशान हो उठे है। सुबह से ही टाइम्स के कार्यालय में फोन पर फोन आ रहें है कि अब इनका काम कैसे चलेगा। ये लोग जैसे तैसे 14 अप्रेल का इंतजार कर रहें थे। जब हमने पूछा कि आपको राशन किसी दानदाता से दिलवा दिया जाए तो इन्होंने मना करते हुए कहा कि ऐसे नही लेंगे। इनका कहना कि इन्हें राशनकार्ड से राशन दिलवाया जाना चाहिए ताकि दान का खाने से बच सकें।

सम्पति देवी प्रजापत कालूबास में दो भाइयों के परिवार की रसोई संभाल रही है। ये खुले कामगार होने के कारण अब काम नहीं मिलने से परेशान है। लॉकडाउन बढ़ने की खबर से परिवार चिंतित हो गया कि आगे कैसे काम चल सकेगा। वार्ड 29 के नानूराम प्रजापत चिनाई का काम करते है और लॉकडाउन बढ़ने से चिंतित है। उन्होनें कई बार फोन कर राशन कार्ड से राशन दिलवाने बाबत पुछताछ कर रहे है। सीताराम, रेंवतमल, इमरताराम, भंवरलाल सभी के घर में यही हाल है।

खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित को राशन दिया जाएं- सारस्वत
समाचार-गढ़। क्षेत्र की इस समस्या को आज भाजपा देहात जिलाध्यक्ष ने भी उठाया व उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित को राशन दिए जाने की मांग की। सारस्वत ने कहा कि जिले में कई परिवार है जो इस योजना में नहीं जुड़े है और उनके पास रोजी रोटी का कोई साधन नहीं है। लॉकडाउन के कारण ये कहीं मजदूरी भी नहीं कर पा रहे है जिसके चलते इनके भूखों मरने की नोबत आ गई है। सारस्वत ने कहा कि ऐसे लोगों को राशन डीलर इनका राशन कार्ड, आधार कार्ड, व अन्य प्रमाण पत्र देखकर राशन तो देवें जिससे इनका जीवन बसर हो सके।

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