कल है सोमवती अमावस्या, जानें आज का पंचाग व उपयोगी जानकारी पँ. श्रवण भारद्वाज के साथ

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दिनांक – 11 अप्रेल 2021
वार – रविवार
तिथि – अमावस्या पूर्ण रात्रि
पक्ष – कृष्ण
नक्षत्र – उत्तरभाद्रपदा 08:56 बजे तक तत्पश्चात रेवती नक्षत्र शुरू
योग – ऐन्द्र
करण – चतुष्पद
चन्द्र राशि  – मीन
सूर्य राशि – मीन
रितु – शिशिर
आयन – उत्तरायण
संवत्सर – शार्वरी
विक्रम संवत – 2077 विक्रम संवत
शाका संवत – 1942 शाका संवत
सूर्योदय – 06:14 बजे
सूर्यास्त – 18:55 बजे
दिन काल – 12 घण्टे 41 मिनट
रात्री काल – 11 घण्टे 17 मिनट
चंद्रास्त – 18:22 बजे
चंद्रोदय – 30:27 बजे
समय मानक – मोमासर (बीकानेर)
राहू काल – 17:21 – 18:56 अशुभ
यम घंटा – 12:35 – 14:10 अशुभ
गुली काल – 15:45 – 17:21
अभिजित – 12:10 -13:01 शुभ
पंचक – लागू
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
चोघडिया, दिन
उद्वेग – 06:14 – 07:50 अशुभ
चर – 07:50 – 09:25 शुभ
लाभ – 09:25 – 10:59 शुभ
अमृत – 10:59 – 12:35 शुभ
काल – 12:35 – 14:10 अशुभ
शुभ – 14:10 – 15:45 शुभ
रोग – 15:45 – 17:21 अशुभ
उद्वेग – 17:21 – 18:56 अशुभ
चोघडिया, रात
शुभ – 18:56 – 20:21 शुभ
अमृत – 20:21 – 21:45 शुभ
चर – 21:45 – 23:10 शुभ
रोग – 23:10 – 24:35* अशुभ
काल – 24:35* – 25:59* अशुभ
लाभ – 25:59* – 27:24* शुभ
उद्वेग – 27:24* – 28:49* अशुभ
शुभ – 28:49* – 30:13* शुभ
विशेष – अमावस्या और रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खानाऔर लगाना निषिद्ध है।
रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।
रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
12 अप्रैल 2021 सोमवार सूर्योदय से सुबह 08:01 तक सोमवती अमावस्या है ।
सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है।
इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।
इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है।
इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।
– ग़रीबी – दरिद्रता मिटाने के लिए –
सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ॐकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो खाली तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी।
– समृद्धि बढ़ाने के लिए –
– कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।
दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें,जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।

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