समाचार-गढ़ 26 सितंबर, 2026।
राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के बाद अब पंचायती राज चुनावों पर राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ गया है। राज्य की 14,403 ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनावों की तैयारियों के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जयपुर का दौरा किया। इस दौरान संगठन की बैठक में उन्होंने पार्टी के सांसदों और विधायकों को टिकट वितरण और उम्मीदवारों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
नितिन नबीन ने कहा कि अगर किसी विधायक या सांसद की सिफारिश पर किसी उम्मीदवार को टिकट दिया जाता है और वह बाद में पार्टी के खिलाफ जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी सिफारिश करने वाले नेता की भी होगी। यह संदेश ऐसे समय आया है जब हाल ही में नागौर की मुंडवा नगरपालिका के अध्यक्ष चुनाव में बीजेपी के सामने क्रॉस-वोटिंग का मामला सामने आया था।
मुंडवा में 10 पार्षद, फिर भी BJP प्रत्याशी को 0 वोट
नागौर की 25 सदस्यीय मुंडवा नगरपालिका में बीजेपी 10 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। आरएलपी को 7, कांग्रेस को 3 और निर्दलीयों को 5 सीटें मिली थीं।
लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी गीता देवी को एक भी वोट नहीं मिला। यानी बीजेपी के 10 पार्षदों में से किसी ने भी पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं किया। दूसरी ओर आरएलपी की अलका देवी कंदोई को 13 वोट मिले और उन्होंने अध्यक्ष पद हासिल किया।
इसी घटनाक्रम को आगामी पंचायत चुनावों के संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण सबक के तौर पर देखा जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की कोशिश है कि पंचायत चुनाव में उम्मीदवार चयन और चुनाव के बाद पार्टी के साथ समन्वय को लेकर ऐसी स्थिति दोबारा सामने न आए।
3.73 करोड़ ग्रामीण मतदाताओं पर नजर
राजस्थान में कुल करीब 5.17 करोड़ मतदाता हैं। इनमें शहरी निकायों से जुड़े करीब 1.44 करोड़ मतदाता हैं, जबकि पंचायत चुनावों में करीब 3.73 करोड़ ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
ऐसे में पंचायती राज चुनाव राज्य में राजनीतिक दलों के लिए ग्रामीण स्तर पर संगठन और जनसंपर्क की बड़ी परीक्षा होंगे।
नेताओं को सादगी और जमीनी जुड़ाव की नसीहत
जयपुर बैठक में नितिन नबीन ने पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों से व्यक्तिगत आचरण पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने नेताओं को दिखावे से दूर रहने, सादगी अपनाने और सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों से जुड़ने की सलाह दी।
उनका संदेश था कि नेताओं का व्यवहार ही जनता के बीच पार्टी की छवि को प्रभावित करता है। इसलिए संगठन को गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया गया।
निकाय के बाद अब पंचायत चुनाव पर फोकस
नितिन नबीन के जयपुर दौरे में कई कार्यक्रम शामिल रहे। उन्होंने अल्बर्ट हॉल में सेवा संकल्प अभियान में हिस्सा लिया, युवाओं से संवाद किया और नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की।
बैठक में आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक समन्वय और ग्रामीण स्तर पर पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। नबीन ने नेताओं को निकाय चुनाव के बाद रुकने के बजाय अब पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया।
पंचायत चुनावों में बड़ी ग्रामीण आबादी की भागीदारी को देखते हुए बीजेपी अब उम्मीदवार चयन से लेकर संगठन और जमीनी संपर्क तक की तैयारियों पर जोर दे रही है।








