समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़, 4 सितंबर 2025। सातलेरा से गौरीशंकर तावनियाँ की विशेष रिपोर्ट
श्रीडूंगरगढ़ उपखंड मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर गांव सातलेरा की रोही में इन दिनों सूअरों का भारी आतंक छाया हुआ है। ये सूअर किसानों की पाली-पोसी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। बेबस किसान मायूसी लिए केवल इन सूअरों द्वारा नष्ट की गई फसलों को देख रहे हैं, कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं।


गांव के किसान केशुराम, कालूराम जाखड़, सत्यनारायण सहित अन्य किसानों ने बताया कि इन दिनों रोही में सूअरों का बड़ा झुंड फसलों को बर्बाद कर रहा है। किसानों का कहना है कि दिनभर मेहनत के बाद जब किसान रात को आराम करते हैं, तभी इन सूअरों का आतंक शुरू हो जाता है। अंधेरे का फायदा उठाकर ये खेतों में कहर बरपाते हैं। दिन में ये सूअर कंटीली झाड़ियों में दुबक जाते हैं और रात होते ही खेतों में धमाचौकड़ी मचाना शुरू कर देते हैं।
किसान गुलाबाराम जाखड़ ने बताया कि सूअर फसलों को केवल खाते नहीं बल्कि जड़ से ही नष्ट कर देते हैं। जहां-जहां से सूअरों का झुंड निकलता है, वहां फसल का नामोनिशान मिट जाता है। किसानों का कहना है कि यदि कोई अकेला किसान इन्हें भगाने की कोशिश करता है तो ये सूअर हिंसक भी हो जाते हैं।
खेतों में सूअरों के बढ़ते तांडव से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। लहलहाती फसलों को नष्ट होते देख बेबस किसानों ने प्रशासन से अति शीघ्र इन सूअरों को पकड़ने की गुहार लगाई है।











