पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान, जानिए कैसे मिलेगी दोषियों को जल्द सजा
समाचार गढ़। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे।
क्या है फास्ट ट्रैक कोर्ट?
फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष अदालतें होती हैं, जिनका गठन गंभीर और संवेदनशील मामलों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा करने के लिए किया जाता है। इनमें केवल निर्धारित श्रेणी के मामलों की सुनवाई होती है, जिससे फैसले सामान्य अदालतों की तुलना में तेजी से हो सकें।
कैसे करेगा काम?
इन अदालतों में मामलों की नियमित सुनवाई होगी और जांच एजेंसियों को चार्जशीट दाखिल करने, गवाहों के बयान दर्ज कराने तथा ट्रायल पूरा करने के लिए तय समय-सीमा का पालन करना होगा। अनावश्यक स्थगन (Adjournment) की गुंजाइश भी बेहद सीमित रहेगी।
क्यों पड़ी जरूरत?
सरकार के पास पहले से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 मौजूद है, लेकिन लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण कई मामलों में कार्रवाई वर्षों तक लंबित रहती थी। इससे पेपर लीक नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने में कठिनाई आती थी।
क्या होगा असर?
सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक मामलों में जल्द सुनवाई होगी, दोषियों को तेजी से सजा मिलेगी और शिक्षा माफिया पर कानून का डर बढ़ेगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी और छात्रों व अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा भी बढ़ेगा।









