समाचार-गढ़ 26 सितंबर, 2026।
मणिपुर में जारी हिंसा और सुरक्षा चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 यानी AFSPA के तहत 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे मणिपुर को ‘डिस्टर्ब्ड एरिया’ यानी अशांत क्षेत्र घोषित किया है। यह आदेश 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा और छह महीने तक प्रभावी रहेगा, यानी इसे पहले वापस नहीं लिया गया तो 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा।
केंद्र का यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य के कुछ हिस्सों में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कामजोंग जिले में म्यांमार सीमा के पास चार लोगों की हत्या की घटना भी शामिल है।
13 थाना क्षेत्र AFSPA के दायरे से बाहर
गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक मणिपुर के अधिकांश हिस्से को AFSPA के तहत अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है, जबकि पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इस घोषणा से बाहर रखा गया है।
AFSPA की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार या संबंधित संवैधानिक प्राधिकारी किसी क्षेत्र को अशांत घोषित कर सकते हैं, जहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सशस्त्र बलों की विशेष शक्तियों की जरूरत मानी जाती है।
मणिपुर में AFSPA को इससे पहले भी कई बार बढ़ाया जाता रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू और विस्तारित किया है।
म्यांमार सीमा के पास चार लोगों की हत्या
AFSPA बढ़ाए जाने से पहले मणिपुर के कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार लोगों की गोली मारकर हत्या की घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने गुरुवार को गांव में घुसकर गोलीबारी की, जिसमें चार नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल थे।
पिलोंग गांव म्यांमार सीमा के करीब स्थित है। पुलिस को संदेह है कि हमलावर सीमा पार से आए हो सकते हैं। हालांकि, हमले के पीछे कौन था, इसकी जांच जारी है।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया। तांगखुल नागा संगठन ने घटना के विरोध में अपने अधिकार क्षेत्र में 24 घंटे के बंद का आह्वान भी किया।
2023 से जारी है जातीय संघर्ष
मणिपुर में मई 2023 में मेइतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच शुरू हुआ जातीय संघर्ष लंबे समय से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं।
हाल के दिनों में नागा और कुकी समुदायों के बीच भी तनाव और हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। इसी क्रम में तमेंगलॉन्ग जिले में 17 वर्षीय नागा युवक की गोली मारकर हत्या की घटना भी सामने आई थी।
कामजोंग में चार नागरिकों की हत्या की घटना ने भी सीमा से लगे इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
छह महीने तक लागू रहेगा फैसला
केंद्र सरकार का ताजा आदेश 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा, जब तक इसे इससे पहले वापस नहीं लिया जाता।
इस फैसले के साथ मणिपुर के अधिकांश हिस्से में सुरक्षा बलों के लिए AFSPA के तहत मिलने वाली विशेष शक्तियां जारी रहेंगी। वहीं, 13 थाना क्षेत्रों को इस आदेश से बाहर रखने का मतलब है कि वहां यह विशेष व्यवस्था लागू नहीं होगी।








