समाचार-गढ़ 25 जुलाई 2026।लगातार पांच कारोबारी सत्रों की बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार अगले हफ्ते बेहद अहम दौर में प्रवेश करने जा रहा है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,092 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 12 जून के बाद अपने सबसे निचले स्तर 23,767 पर बंद हुआ। अब बाजार की दिशा काफी हद तक निफ्टी के 23,600 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर पर निर्भर करेगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 23,600 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं, किसी भी रिकवरी के लिए 24,000 से 24,200 का दायरा बड़ी चुनौती साबित होगा।
शुक्रवार को भी बाजार दबाव में रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके साथ ही रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ बड़ी कंपनियों के अपेक्षा से कमजोर तिमाही नतीजों ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी अब अपने 50-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे कारोबार कर रहा है, जिसे शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत माना जाता है। पिछले कई हफ्तों से ऊंचे स्तरों पर लगातार बिकवाली यह दिखाती है कि फिलहाल बाजार में मजबूती लौटने के संकेत सीमित हैं।
अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह आने वाले प्रमुख कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी। इन्हीं कारकों के आधार पर बाजार की अगली चाल तय होने की उम्मीद है।









