समाचार-गढ़ 4 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों की तेजी मंगलवार को थम गई। बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक (0.27%) गिरकर 78,428.95 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50, 159.40 अंक (0.64%) फिसलकर 24,614.90 पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे हाई से करीब 931 अंक तक टूट गया। बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक से पहले सतर्कता और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर बनी अनिश्चितता का असर देखने को मिला।
₹2.90 लाख करोड़ की निवेशकों की दौलत घटी
गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹2.90 लाख करोड़ घट गया। 3 अगस्त को यह ₹4,92,30,878.52 करोड़ था, जो 4 अगस्त को घटकर ₹4,89,40,884.88 करोड़ रह गया।
CAS सिस्टम बना चर्चा का विषय
बाजार में पहली बार लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) ने निवेशकों और ब्रोकरेज कंपनियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। नए सिस्टम के तहत चुनिंदा एफएंडओ शेयरों के कैश मार्केट में क्लोजिंग प्राइस ऑक्शन के जरिए तय हुई, जबकि फ्यूचर्स मार्केट में सामान्य ट्रेडिंग जारी रही। इसी वजह से निफ्टी स्पॉट और निफ्टी फ्यूचर्स के क्लोजिंग भाव में असामान्य अंतर देखने को मिला, जिससे ट्रेडर्स और निवेशकों के बीच असमंजस बढ़ गया।
किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव रहा
आज एफएमसीजी, आईटी, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूट गया। हालांकि निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.93% की बढ़त के साथ बंद हुआ और बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.29% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.23% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयर बढ़त और 14 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस और बीईएल सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इन्फोसिस में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की नजर अब इन पर
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा आरबीआई की मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान वार्ता और CAS सिस्टम के प्रभाव पर निर्भर करेगी। यदि इन मोर्चों पर स्पष्टता आती है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव कम हो सकता है।










