समाचार-गढ़ 13 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ताजा रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) इस हमले से जुड़ा था। धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
UN रिपोर्ट में AQIS का नेटवर्क सामने आया
UNSC की 38वीं रिपोर्ट के अनुसार, AQIS अब बड़े संगठनों की बजाय छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है। संगठन ने लॉजिस्टिक्स और फंडिंग के लिए अपना नेटवर्क भी विकसित किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AQIS बांग्लादेश में अपने सेल स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया गया है।
एक ही हमले पर दो रिपोर्टों में अलग-अलग नाम
लाल किला धमाके को लेकर UNSC की रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इससे पहले 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का नाम बताया था। वहीं, नई 38वीं रिपोर्ट में AQIS का जिक्र है।
हालांकि, NIA की चार्जशीट में भी आरोपियों के AQIS और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े होने का दावा किया गया था।
NIA की जांच में क्या सामने आया?
NIA ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने और संगठन को दोबारा सक्रिय करने की साजिश रची थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। मामले में 580 से अधिक गवाहों के बयान भी चार्जशीट का हिस्सा हैं।
2014 में बना था AQIS
AQIS को सितंबर 2014 में अल-कायदा के तत्कालीन प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने दक्षिण एशिया में संगठन का नेटवर्क बढ़ाने के लिए बनाया था। इसका नेटवर्क भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत क्षेत्र के कई हिस्सों में सक्रिय बताया जाता है।
लाल किले के पास क्या हुआ था?
10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट से आसपास की गाड़ियों और इमारतों को नुकसान पहुंचा था। 11 लोगों की मौत के बाद दिल्ली-NCR में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और मामले की जांच बाद में NIA को सौंप दी गई।









