समाचार-गढ़ 24 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: कश्मीरी पंडितों को एक बार फिर धमकी भरा संदेश मिलने का मामला सामने आया है। पिछले 15 दिनों में दूसरी बार सोशल मीडिया पर एक कथित थ्रेट लेटर वायरल हुआ है। इसमें कश्मीरी पंडित परिवारों के नाम और पते जैसी जानकारी का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
यह धमकी कथित तौर पर यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (ULC) के नाम से जारी की गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस संगठन को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक कथित मुखौटा संगठन के तौर पर देखती हैं। हालांकि, वायरल पत्र की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पत्र में क्या दावा किया गया?
23 अगस्त 2026 की तारीख वाले कथित पत्र में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ लोगों पर दिल्ली के राजनीतिक हितों के लिए काम करने और जम्मू-कश्मीर में RSS से जुड़े एजेंडे को आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और वे जहां भी जाएं, उन्हें ट्रैक किया जा सकता है।
वायरल संदेश में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को लेकर आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, पत्र में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
15 दिनों में दूसरी धमकी
इससे पहले 7 अगस्त 2026 को भी ULC के नाम से इसी तरह का एक धमकी भरा पत्र सामने आया था। उस संदेश में छह कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर साझा किए गए थे। इनमें कुछ कर्मचारी प्रधानमंत्री पैकेज के तहत काम कर रहे थे।
उस समय भी संदेश में संबंधित लोगों के परिवार, कार्यस्थल और ठिकानों की जानकारी होने का दावा किया गया था। ताजा पत्र सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए इनके स्रोत और आपसी कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
ULC और LeT कनेक्शन की जांच
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ULC को पाकिस्तान में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित संगठन के रूप में देखती हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वायरल संदेश वास्तव में इसी संगठन से जुड़े लोगों ने जारी किए हैं या किसी अन्य समूह ने ULC के नाम का इस्तेमाल किया है।
संदिग्ध सोशल मीडिया चैनलों और अकाउंट्स की भी निगरानी की जा रही है। कुछ चैनलों को ब्लॉक किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पंडित संगठनों ने मांगी सुरक्षा
धमकी भरे संदेश सामने आने के बाद पनुन कश्मीर सहित कश्मीरी पंडित संगठनों ने इसे गंभीर मामला बताया है। संगठनों ने धमकियों की विस्तृत जांच, जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनका खतरा आकलन और उनके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी धमकी भरे पत्रों की जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि निशाना विशेष रूप से कश्मीरी पंडितों को ही क्यों बनाया जा रहा है।
सरकारी पुनर्वास प्रयासों के बीच सामने आई धमकी
ULC का नाम इस साल जुलाई में भी चर्चा में आया था, जब संगठन के नाम से हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की बरसी से जुड़ा पोस्टर सामने आया था।
ताजा धमकियां ऐसे समय सामने आई हैं, जब कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी और पुनर्वास को लेकर सरकारी प्रयास जारी हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां दोनों वायरल पत्रों की वास्तविकता और इनके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।









