समाचार-गढ़ 24 अगस्त, 2026।
बीकानेर: बीकानेर के PBM अस्पताल में प्रसव के बाद एक और महिला की मौत का मामला सामने आया है। चूरू के सरदारशहर से प्रसव से पहले PBM अस्पताल रेफर की गई अनुपमा की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। इसके बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और इलाज के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
महिला को पहले ट्रॉमा ICU में भर्ती किया गया था, जहां हालत गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर शनिवार को उसे पोस्ट कोविड ICU में शिफ्ट किया गया। रविवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों के हंगामे के बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
डिलीवरी से पहले BP बढ़ने और एक्लेम्पसिया की शिकायत
सरदारशहर निवासी आनंद मीणा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी अनुपमा को प्रसव के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ने और एक्लेम्पसिया की शिकायत थी। उन्हें 11 अगस्त को डॉ. कमलेश यादव की यूनिट में भर्ती कराया गया था।
महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई, लेकिन इसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे ट्रॉमा ICU में शिफ्ट किया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया। अस्पताल अधीक्षक की ओर से गठित बोर्ड की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
परिजनों ने सीनियर डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 14 अगस्त को जब अनुपमा की हालत बिगड़ी, तब मौके पर कोई सीनियर डॉक्टर नहीं पहुंचा।
परिजनों के मुताबिक, उन्होंने कई बार सीनियर डॉक्टर को बुलाने का आग्रह किया, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि उस दौरान रेजीडेंट डॉक्टरों का व्यवहार भी ठीक नहीं था और उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया गया कि स्थिति सामान्य है।
BJP नेता ने भी उठाए इलाज पर सवाल
मामले में भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला का BP बढ़ा हुआ होने के बावजूद उसे जरूरी BP की दवा नहीं दी गई।
शेखावत का कहना है कि जिस रात महिला की हालत बिगड़ी, उस समय भी कोई सीनियर डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच की मांग करते हुए कहा कि समय रहते उचित इलाज मिलने पर महिला की स्थिति बेहतर हो सकती थी।
फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों के आरोपों की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी तरह की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









