समाचार-गढ़ 16 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (Shahzad Bhatti Network-SBN) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत SBN को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया है। अधिसूचना में SBN को क्रम संख्या 46 पर जोड़ा गया है।
हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, SBN का उद्देश्य युवाओं और स्थानीय अपराधियों को अपने नेटवर्क में शामिल कर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी कराना बताया गया है। सरकार के अनुसार, नेटवर्क की गतिविधियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती हैं।
इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने SBN से जुड़े लोगों के खिलाफ कई राज्यों में कार्रवाई की थी। अगस्त में 14 राज्यों में चलाए गए अभियान के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने और नेटवर्क से जुड़े 80 से ज्यादा FIR तथा 200 से अधिक गिरफ्तारियों की जानकारी सरकार ने दी थी।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप
गृह मंत्रालय ने कहा है कि SBN कथित तौर पर युवाओं को अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर कट्टरपंथी गतिविधियों की ओर आकर्षित करता था। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नेटवर्क विभिन्न डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए भड़काऊ संदेश और कंटेंट फैलाता था तथा हिंसक गतिविधियों के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करता था।
किन कानूनों के तहत दर्ज हैं मामले?
सरकार की अधिसूचना में SBN के कैडरों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), Arms Act, Explosive Substances Act, Explosives Act, Information Technology Act, Official Secrets Act और अन्य कानूनों की धाराएं शामिल हैं।
अगस्त में सरकार ने यह भी बताया था कि SBN से जुड़े अभियानों में IED, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए थे।
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर बताया जाता है, जिसके नेटवर्क को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई आतंकी और आपराधिक मामलों से जोड़ा है। अगस्त 2026 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी केंद्र सरकार से भट्टी और उसके नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित करने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। उस समय पुलिस ने आरोप लगाया था कि नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं से संपर्क कर उन्हें कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा है।
अब केंद्र सरकार की 16 सितंबर की अधिसूचना के बाद Shahzad Bhatti Network का नाम UAPA की पहली अनुसूची में शामिल हो गया है।









