समाचार-गढ़ 29 सितंबर, 2026।
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में कई महीनों से जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच अब नियंत्रण रेखा (LoC) को लेकर भी मांग तेज हो गई है। 26 सितंबर को LoC से करीब 7 किलोमीटर दूर मंधोल गांव में करीब 25 हजार लोगों की रैली हुई। आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने LoC को खत्म करने और भारत के जम्मू-कश्मीर के पुंछ और मेंढर से जुड़े पुराने रास्ते खोलने की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेताओं ने किया। मंच से सरदार अमान खान ने प्रदर्शनकारियों से LoC हटाने और पुंछ-मेंढर के रास्ते खोलने को लेकर सवाल किया, जिस पर भीड़ ने समर्थन जताया। उन्होंने पाकिस्तान के नियंत्रण और वहां की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए।
राशन सप्लाई रोकने का भी आरोप
प्रदर्शन के दौरान PoK में पिछले करीब तीन महीनों से राशन की सप्लाई प्रभावित होने का आरोप लगाया गया। सरदार अमान खान ने दावा किया कि पाकिस्तान ने क्षेत्र की जरूरी खाद्य आपूर्ति रोक दी है। उनके मुताबिक, पहले PoK के लोग जम्मू-कश्मीर के मेंढर इलाके से राशन और अन्य सामान लेते थे, लेकिन LoC पर तारबंदी के बाद यह रास्ता बंद हो गया।
हालांकि, राशन सप्लाई रोकने से जुड़े ये दावे प्रदर्शनकारी नेताओं के आरोप हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
LoC हटाने और भारत से जुड़ने की मांग
मंधोल की सभा में प्रदर्शनकारियों के सामने यह मुद्दा रखा गया कि क्या LoC को खत्म किया जाना चाहिए और क्या पुंछ व मेंढर की ओर जाने वाले रास्ते खोले जाने चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक, सभा में मौजूद लोगों ने इन मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शनकारी नेताओं ने पाकिस्तान के प्रशासन और सैन्य व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। अमान खान ने कहा कि PoK के लोग अपने अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।
PoK में आंदोलन कब से चल रहा है?
मौजूदा आंदोलन 9 जून 2026 से जारी है। 26 सितंबर को मंधोल में हुई रैली को उपलब्ध रिपोर्टों ने आंदोलन का 110वां दिन बताया है। यानी आपके दिए गए 115 दिन के आंकड़े के बजाय इस रैली के संदर्भ में 110वां दिन अधिक सुसंगत है।
JKJAAC पहले भी पाकिस्तान प्रशासन के सामने कई मांगें रख चुकी है। इनमें सुरक्षा बलों की वापसी, गिरफ्तार लोगों की रिहाई, नागरिक स्वतंत्रताओं की बहाली और प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों को लेकर जवाबदेही जैसी मांगें शामिल रही हैं।
PoK चुनाव को लेकर भी उठे सवाल
PoK में विरोध के बीच जुलाई में स्थानीय चुनाव भी हुए। रिपोर्टों के अनुसार कुल 45 सीटों में से 38 सीटों पर मतदान हो सका, जबकि आंदोलन के कारण पुंछ और सुधनोती की 7 सीटों पर मतदान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और परिणामों पर भी सवाल उठाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, PML-N को 25 सीटों पर जीत मिली। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चुनाव में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा?
मंधोल की रैली के बाद LoC को खत्म करने और पुंछ-मेंढर के रास्ते खोलने की मांग PoK के आंदोलन में एक नया प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाएगा।
वहीं, प्रदर्शनकारी नेताओं की ओर से आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकेत दिए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में PoK में विरोध-प्रदर्शनों की दिशा और पाकिस्तान प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।








