समाचार-गढ़ 30 सितंबर, 2026।
Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूचियों को लेकर निर्वाचन आयोग ने सख्ती शुरू कर दी है। नगरीय निकायों के मतदाताओं के नाम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में जोड़ने पर रोक रहेगी। अगर ऐसे नाम पहले ही पंचायत की वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं, तो उन्हें हटाया जाएगा।
पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे ऐसे वोटर
खबर के मुताबिक, पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने निकाय चुनाव के बाद पंचायत क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
आयोग का फोकस इस बात पर है कि नगरीय निकाय क्षेत्र के मतदाताओं के नाम पंचायत की मतदाता सूची में गलत तरीके से न जुड़ें। इसके लिए मतदाता सूचियों की जांच की जा रही है।
ऐसे मामलों में संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। खबर के अनुसार, मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर कलेक्टर को जिम्मेदार माना जाएगा।
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने को लेकर क्या है मामला?
दरअसल, निकाय चुनाव के बाद कुछ मतदाताओं के नाम पंचायत की मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। ऐसे मामलों को लेकर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रुख अपनाया है।
अगर कोई व्यक्ति नगरीय निकाय क्षेत्र का मतदाता है और उसका नाम वहां की मतदाता सूची में दर्ज है, तो सिर्फ पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उसका नाम गांव की मतदाता सूची में जोड़ना सही नहीं माना जाएगा।
खबर में यह भी बताया गया है कि यदि ऐसे नाम पंचायत की सूची में पहले ही जोड़ दिए गए हैं, तो उन्हें हटाया जाएगा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी पर कलेक्टर की जिम्मेदारी
निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूचियों को लेकर अधिकारियों को सतर्क किया गया है। आयोग की तैयारी यह सुनिश्चित करने की है कि पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में किसी तरह की गलत एंट्री न हो।
खबर के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी इस प्रक्रिया पर नजर रखने और मतदाता सूचियों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निकाय और पंचायत क्षेत्रों के मतदाताओं की सूची अलग-अलग क्षेत्राधिकार के आधार पर तैयार होती है।








