समाचार-गढ़ 2 अक्टूबर, 2026।
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से जनप्रतिनिधि जुड़े। कई जिलों से जनप्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि पात्र लोगों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में वे सक्रिय भूमिका निभाएं।
गांवों के विकास में पंचायतों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों की छोटी से छोटी समस्याओं को भी गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने पर जोर दिया।
नवाचार करने वाले सरपंचों का सम्मान
कार्यक्रम में अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान सरपंचों ने स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी साझा की।
आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी दी।
‘सरपंच साहब’ वाली पहचान का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने सरपंच रहने के अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो लोग उन्हें मुख्यमंत्री से पहले ‘सरपंच साहब’ कहकर बुलाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरपंच की पहचान गांव के लोगों के साथ लंबे समय तक जुड़ी रहती है और पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझेंगे। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के काम का उल्लेख करते हुए नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े भी बताए। उपलब्ध हालिया रिपोर्टों में मुख्यमंत्री ने 1.22 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चलने की बात कही है।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि गांव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकार तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पंचायत चुनाव से ठीक पहले हुए इस संवाद में ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।








