समाचार-गढ़ 4 अक्टूबर, 2026।
छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर 75 वर्षीय महिला को करीब 14 दिनों तक कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनसे 3 करोड़ 80 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने वीडियो कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर महिला का भरोसा जीता और उन पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजने का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ठगी की रकम में से 32 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।
नासिक क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर किया फोन
छत्रपति संभाजीनगर के व्यंकटेश नगर में रहने वाली 75 वर्षीय शुभाधा अशोक कुलकर्णी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राजन भिसे बताया और खुद को नासिक अपराध शाखा का अधिकारी बताया।
कॉल करने वाले ने दावा किया कि महिला के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके मुंबई की केनरा बैंक में एक बैंक खाता खोला गया है। आरोप लगाया गया कि इस खाते से आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजे जा रहे हैं।
इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने फोन कर दावा किया कि संबंधित खाते में दो करोड़ रुपये जमा हुए हैं और उसमें से दो लाख रुपये कमीशन के तौर पर महिला के खाते में भेजे गए हैं। ठगों ने महिला के सभी बैंक खातों की आरबीआई से जांच कराने की बात कही और सहयोग नहीं करने पर उन्हें और उनके बेटे को गिरफ्तार करने की धमकी दी।
पुलिस की वर्दी, पीछे तिरंगा… ऐसे जीता भरोसा
ठगों ने महिला को यकीन दिलाने के लिए वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल भी की। वीडियो कॉल में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठा दिखाई दिया। उसके पीछे तिरंगा और पुलिस का नीला झंडा लगा हुआ था। इससे महिला को लगा कि वीडियो कॉल करने वाले वास्तव में पुलिस अधिकारी हैं।
शिकायत के मुताबिक, 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक महिला को सुबह, दोपहर और शाम लगातार फोन किए जाते रहे। उन्हें जांच और निगरानी का डर दिखाया गया। साथ ही किसी अन्य व्यक्ति को इसकी जानकारी देने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
आरबीआई जांच के नाम पर कराए करोड़ों रुपये ट्रांसफर
21 सितंबर को ठगों ने महिला से उनके बैंक खातों, लेन-देन और सावधि जमा यानी एफडी की जानकारी ली। इसके बाद आरबीआई की जांच के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए रकम भेजने के निर्देश दिए गए।
महिला से पांच अलग-अलग लेन-देन में कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर को देवगिरी नागरी सहकारी बैंक से 62 लाख रुपये, 28 सितंबर को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 89 लाख रुपये और 29 सितंबर को औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से 54 लाख रुपये भेजे गए।
इसके बाद 1 अक्टूबर को एचडीएफसी बैंक से 55 लाख रुपये और एसबीआई खाते से 40 लाख 80 हजार रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर किए गए।
बेटे और परिवार को नुकसान की धमकी
जिन्सी पुलिस थाना के इंस्पेक्टर गणेश ताठे के मुताबिक, शुभाधा कुलकर्णी घर में अकेली रहती हैं। उनका बेटा जामनगर में रिलायंस कंपनी में काम करता है, जबकि बेटी अमेरिका में रहती है।
शिकायत के अनुसार, ठगों ने महिला को बेटे की गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर लगातार डराए रखा। इसी डर के चलते वह करीब दो सप्ताह तक ठगों के निर्देशों का पालन करती रहीं।
पुलिस ने 32 लाख रुपये फ्रीज कराए
ठगी का एहसास होने के बाद महिला ने जिन्सी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 32 लाख रुपये फ्रीज करा दिए।
बाकी रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, पुलिस उनका पता लगाकर रकम फ्रीज कराने की कोशिश कर रही है। डीसीपी मुख्यालय से शशिकांत सत्व ने बताया कि पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें महिला से रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस अधिकारी बनकर महिला को धमकाने वाले साइबर ठगों की तलाश भी जारी है।








