समाचार-गढ़ 4 अक्टूबर, 2026।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भारत में हुए एक दिलचस्प वाकये का खुलासा किया है। मॉस्को के पास आयोजित वाल्दाई डिस्कशन क्लब में पुतिन ने बताया कि भारत में BRICS कार्यक्रम के दौरान वह और शी जिनपिंग कुछ देर के लिए एक वेटिंग रूम में अकेले रह गए थे। वहां कोई ट्रांसलेटर मौजूद नहीं था। इसके बावजूद दोनों ने एक-दूसरे की बात समझ ली।
मोदी से मिलने से पहले कमरे में अकेले रह गए दोनों नेता
पुतिन के मुताबिक, यह वाकया उस समय का है जब दुनिया के नेता भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए एक वेटिंग एरिया में इकट्ठा हो रहे थे। मोदी एक-एक कर नेताओं का स्वागत कर रहे थे और फिर उन्हें मुख्य हॉल की ओर ले जाया जा रहा था।
इसी दौरान पुतिन और शी जिनपिंग एक कमरे में अकेले रह गए। पुतिन ने बताया कि उस वक्त दोनों के साथ कोई दुभाषिया नहीं था।
मजेदार बात यह थी कि पुतिन को चीनी भाषा नहीं आती और जिनपिंग रूसी भाषा नहीं बोलते, लेकिन दोनों के बीच बातचीत रुक नहीं गई।
एक-दो शब्द बोले और इशारों में समझ गए बात
पुतिन ने बताया कि दोनों ने कुछ शब्दों और इशारों के जरिए एक-दूसरे को समझने की कोशिश की। उनके मुताबिक, जैसे ही उनमें से किसी ने एक-दो शब्द कहे, दूसरा बिना अनुवादक के भी बात का मतलब समझ गया।
पुतिन ने इसी अनुभव को बताते हुए कहा कि उनके और शी जिनपिंग के बीच भाषा कोई बड़ी बाधा नहीं बनी।
उनका यह किस्सा सुनकर वाल्दाई क्लब में मौजूद लोगों के बीच भी हल्की मुस्कान देखने को मिली।
पुतिन ने पोते-पोतियों का भी सुनाया किस्सा
इस दौरान पुतिन ने अपने परिवार से जुड़ी एक हल्की-फुल्की बात भी कही। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि उनके पोते-पोती मैंडरिन बोलते हैं और जरूरत पड़ने पर वे उनके लिए चीनी भाषा के अनुवादक बन सकते हैं।
यानी जिस भाषा को खुद पुतिन नहीं बोलते, उसे उनके परिवार की अगली पीढ़ी उनसे बेहतर तरीके से समझती-बोलती है।
पुतिन के बयान में छिपा संदेश क्या?
पुतिन ने यह किस्सा ऐसे समय सुनाया है जब रूस और चीन के रिश्तों को लेकर वैश्विक स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए शी जिनपिंग के साथ अपने व्यक्तिगत तालमेल पर जोर दिया।
हालांकि, इस एक घटना के आधार पर रूस-चीन संबंधों की पूरी रणनीतिक दिशा तय नहीं की जा सकती। लेकिन पुतिन का यह किस्सा यह जरूर दिखाता है कि वह शी जिनपिंग के साथ अपने व्यक्तिगत संवाद और सहज रिश्ते को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करना चाहते हैं।
भारत में बना था ये दिलचस्प पल
खास बात यह है कि जिस घटना का जिक्र पुतिन ने किया, उसका मंच भारत में हुआ BRICS सम्मेलन था। 2026 के BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की कई अनौपचारिक तस्वीरें और बातचीत के पल भी सामने आए थे।
पुतिन का यह किस्सा इसी कड़ी में एक अलग वजह से चर्चा में आ गया है—एक कमरे में दो बड़े नेता, दोनों की भाषाएं अलग, सामने कोई ट्रांसलेटर नहीं… फिर भी बातचीत समझ में आ गई।








