समाचार गढ़, 9 अक्टूबर 2026|
राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक स्थित विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 11 से 18 अक्टूबर तक मेला आयोजित होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था सुचारु रखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा, पार्किंग और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार न करना पड़े और भीड़ के बीच व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए मंदिर प्रशासन, पुलिस और प्रयत्न संस्था मिलकर काम कर रहे हैं। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
अमावस्या की रात से खुल जाएंगे मंदिर के पट
प्रयास संस्था के अध्यक्ष बादलसिंह चारण ने बताया कि नवरात्र से एक दिन पहले यानी अमावस्या की रात से ही देशनोक में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगती है। सामान्य दिनों में मंदिर के पट सुबह 4 बजे खोले जाते हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से अमावस्या की रात से ही दर्शन शुरू कर दिए जाते हैं।
इस बार भी अमावस्या की रात से मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु रात से ही दर्शन कर सकें और सुबह होने तक भीड़ को नियंत्रित रखने में मदद मिले।
मंदिर से आधा किलोमीटर दूर होगी पार्किंग
मेले के दौरान वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की जा रही है। मंदिर से करीब आधा किलोमीटर दूर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। इससे मंदिर के आसपास भीड़ और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
श्री करणी मंदिर निजी न्यास, स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर मेले के दौरान सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को देखते हुए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
200 मीटर के दायरे में वाहनों पर रोक
देशनोक के थानाधिकारी सुमन शेखावत के अनुसार, मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी। मंदिर से 200 मीटर की परिधि में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बड़े वाहनों के साथ कार, जीप और पिकअप वाहनों को भी मंदिर से दूरी पर रोकने की व्यवस्था होगी।
इसका उद्देश्य मंदिर के आसपास वाहनों का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना है।
जिगजैग कतार में होंगे दर्शन
श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए जिगजैग कतार से गुजरना होगा। भीड़ बढ़ने की स्थिति में कतार को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। इससे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में मदद मिलेगी।
प्रयास संस्था के अध्यक्ष बादलसिंह चारण ने स्पष्ट किया कि करणी माता के दरबार में वीआईपी दर्शन की कोई अलग व्यवस्था नहीं होगी। सभी श्रद्धालुओं को सामान्य व्यवस्था के तहत ही दर्शन करने होंगे।
500 से ज्यादा सेवादार संभालेंगे व्यवस्था
मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन के साथ प्रयास संस्था के 500 से अधिक सेवादार भी व्यवस्थाएं संभालेंगे। ये सेवादार मंदिर परिसर की साफ-सफाई, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सहायता जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे।
मेले की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में प्रयास अध्यक्ष बादलसिंह चारण, थानाधिकारी सुमन शेखावत सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। बैठक में पार्किंग, सुरक्षा इंतजाम और दर्शन व्यवस्था पर चर्चा की गई।
करणी माता मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में अमावस्या की रात से दर्शन शुरू करने, वाहनों को मंदिर से दूर रोकने और कतार व्यवस्था बनाने का उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित करना और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराना है।








