समाचार-गढ़ 8 अक्टूबर, 2026।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल में सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
4:18 बजे केयरटेकर पहुंचा, जमीन पर बेहोश मिले अभिनेता
मणिपाल अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। डॉक्टर ने बताया कि उनके केयरटेकर सुबह करीब 4:18 से 4:20 बजे अस्पताल पहुंचे और वहां से एंबुलेंस लेकर नाना के पास गए।
डॉक्टर के अनुसार, जब मेडिकल टीम घर पहुंची तो नाना पाटेकर जमीन पर पड़े थे और बेहोश थे। वह लगभग कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। इसके बाद मौके पर ही CPR शुरू किया गया और CPR देते हुए उन्हें अस्पताल लाया गया। करीब 10 मिनट में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने CPR जारी रखा।
45 मिनट तक डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की
अस्पताल पहुंचने के बाद मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट तक लगातार CPR दिया। इसके बावजूद नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में सुबह 5:20 बजे उनकी मौत की पुष्टि की गई।
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक उनकी मौत की वजह गंभीर कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। हालांकि, मामले में मेडिको-लीगल प्रक्रिया और पोस्टमार्टम भी किया जा रहा है, इसलिए आगे मेडिकल रिपोर्ट से और जानकारी सामने आ सकती है।
बेटे मल्हार पाटेकर को मिली खबर
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही उनके परिवार और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। उनके बेटे मल्हार पाटेकर उस समय पुणे में थे और खबर मिलने के बाद गोवा के लिए रवाना हुए। मल्हार ने ही उनके निधन की पुष्टि की है।
मौत से चार दिन पहले ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे
नाना पाटेकर निधन से महज चार दिन पहले, 4 अक्टूबर को गोवा के डोना पाउला में आयोजित सम्राट क्लब इंटरनेशनल के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने वहां लोगों को संबोधित भी किया था।
इस कार्यक्रम में उन्होंने जिंदगी को लेकर एक भावुक बात कही थी—उन्होंने कहा था कि वह आज यहां हैं, लेकिन कल क्या होगा, यह किसी को नहीं पता। उनकी मौत के बाद उनका यह आखिरी सार्वजनिक संबोधन सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चा में है।
हिंदी-मराठी सिनेमा में छोड़ी अलग पहचान
नाना पाटेकर ने थिएटर से लेकर हिंदी और मराठी फिल्मों तक करीब पांच दशक लंबे करियर में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री और देशभर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।








