समाचार-गढ़ 21 अक्टूबर, 2026।
India-US Trade Deal: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को एक शक्तिशाली और प्रभावशाली राष्ट्र बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया है। मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रुबियो के मुताबिक, भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग अंतिम चरण में है, हालांकि कुछ मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है। इसके साथ ही अमेरिका की नजर भारत की विशाल तेल रिफाइनिंग क्षमता पर भी है।
ट्रेड डील पर जल्द बन सकती है सहमति
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। रुबियो ने संकेत दिया कि दोनों देश समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं और बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए सकारात्मक चर्चा जारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौते की बातचीत नहीं करता, लेकिन इस प्रक्रिया में उसकी भागीदारी है। रुबियो ने उम्मीद जताई कि शेष मुद्दों पर सहमति बनने के बाद जल्द ही समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि, अभी ट्रेड डील पर औपचारिक मुहर लगने की घोषणा नहीं हुई है।
भारत की रिफाइनिंग क्षमता पर अमेरिका की नजर
रुबियो ने भारत को ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ बताते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत की बड़ी तेल रिफाइनरियां अलग-अलग देशों से आने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती हैं।
इसी सिलसिले में रुबियो गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा करने वाले हैं। जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थान रिफाइनरी परिसर स्थित है।
वेनेजुएला के तेल पर रिलायंस से चर्चा करेगा अमेरिका
भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग भी इस दौरे का प्रमुख मुद्दा है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल की अधिक रिफाइनिंग की संभावनाओं पर चर्चा करेगा। इसके अलावा, वेनेजुएला में तेल उत्पादन से जुड़े संभावित सहयोग पर भी बातचीत हो सकती है।
भारत कई देशों से कच्चा तेल खरीदता है और उसकी रिफाइनिंग क्षमता वैश्विक ऊर्जा बाजार में अहम भूमिका निभाती है। अमेरिका इस क्षमता का इस्तेमाल ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के लिए करना चाहता है। हालांकि, वेनेजुएला के तेल को लेकर किसी नए समझौते की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जयशंकर और UAE के विदेश मंत्री के बीच भी बातचीत
रुबियो की यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच भी कूटनीतिक बातचीत हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की।
बातचीत में क्षेत्रीय तनाव, शांति स्थापित करने के प्रयास और खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल रहे। जयशंकर ने UAE के सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि भारत क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है।
दोनों पक्षों ने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरकों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत और UAE के लिए आपसी सहयोग बनाए रखना अहम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
रुबियो की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर वेनेजुएला के तेल और भारत की रिफाइनिंग क्षमता पर चर्चा ऊर्जा संबंधों को नया आयाम दे सकती है।
हालांकि, समझौते के कुछ मुद्दे अभी लंबित हैं। इसलिए अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि भारत और अमेरिका बातचीत को कितनी जल्दी अंतिम नतीजे तक पहुंचाते हैं।








