समाचार-गढ़ 20 अक्टूबर, 2026।
Rajasthan News: घरेलू काम दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को मानव तस्करी के जाल में फंसाने का मामला सामने आया है। झारखंड पुलिस ने नई दिल्ली और राजस्थान की राजधानी जयपुर से लापता चार लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इनमें एक लड़की ऐसी भी है, जो करीब 10 साल से लापता थी। पुलिस को उसका सुराग नया आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के दौरान मिला। इसके बाद तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया और उसे जयपुर से बरामद कर लिया गया।
दिल्ली और जयपुर से चार लड़कियों का रेस्क्यू
खूंटी पुलिस की विशेष टीम ने चारों लड़कियों को रेस्क्यू किया। पुलिस के मुताबिक, तीन लड़कियों को 15 अक्टूबर को नई दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से बचाया गया, जबकि चौथी लड़की को राजस्थान के जयपुर से बरामद किया गया। पुलिस टीम सोमवार को चारों लड़कियों को झारखंड के खूंटी लेकर पहुंची।
खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि रेस्क्यू की गई लड़कियों में दो खूंटी थाना क्षेत्र और दो कर्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। इनमें से दो लड़कियों की उम्र 13 और 14 साल बताई गई है। दोनों नवंबर 2025 से लापता थीं और उनके परिजनों ने खूंटी के मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
घरेलू काम दिलाने के बहाने फंसाया
पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू की गई चार लड़कियों में से तीन को घरेलू काम दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर मानव तस्करी के जाल में फंसाया गया था। इस मामले में कुछ प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है।
वहीं, चौथी लड़की को करीब 10 साल पहले दिल्ली ले जाया गया था। पुलिस के मुताबिक, वहां लगभग छह महीने तक घरेलू काम कराने के बाद उसे राजस्थान के जयपुर में बेच दिया गया था। पुलिस अब इस मामले से जुड़े लोगों और एजेंसियों की भूमिका की जांच कर रही है।
नया आधार कार्ड बना जांच में अहम कड़ी
करीब 10 साल से लापता लड़की का पता लगाने में आधार कार्ड से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया अहम साबित हुई। खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग के अनुसार, लड़की का नया आधार कार्ड बन रहा था। इसी दौरान UIDAI की सत्यापन प्रक्रिया में उपलब्ध डेटा का मिलान उसके पैतृक गांव और पुराने मोबाइल नंबर से किया गया।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस को लड़की के बारे में सुराग मिला। इसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। दिल्ली में रेस्क्यू अभियान चला रही पुलिस टीम को जयपुर भेजा गया, जहां से लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका की जांच
पुलिस का कहना है कि घरेलू काम दिलाने के नाम पर लड़कियों को दूसरे शहरों में ले जाने के मामलों में प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एसपी ऋषभ गर्ग के मुताबिक, जांच में जिन लोगों या एजेंसियों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चारों लड़कियों का रेस्क्यू मानव तस्करी के मामलों में समय पर दर्ज गुमशुदगी की शिकायत, तकनीकी जांच और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय के महत्व को भी सामने लाता है। खास तौर पर 10 साल से लापता लड़की का आधार सत्यापन के जरिए पता चलना इस मामले की अहम कड़ी है।








