समाचार गढ़ 23 अक्टूबर 2026।
पाकिस्तान और ईरान के बीच सीमा पर व्यापार को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। एक तरफ दोनों देशों के बीच सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं, तो दूसरी तरफ रिमदान के ट्रेड गेट 250 के पास फलों से लदे ट्रकों में आग लगाए जाने की खबर सामने आई है। इस घटना में हथियारबंद लोगों के शामिल होने और सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी की बात कही जा रही है। हालांकि, आगजनी की इस खास घटना की स्वतंत्र पुष्टि प्रमुख समाचार एजेंसियों की उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सकी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर हाल ही में ईरान की यात्रा से लौटे हैं। उधर, ईरान के एक सांसद ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान की ओर से ईरान से आने वाले ट्रकों की आवाजाही पर रोक जारी रही, तो तेहरान भी अपनी तरफ से सीमा बंद करने का कदम उठा सकता है।
ट्रेड गेट 250 पर क्या हुआ?
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित गबद-रिमदान सीमा क्षेत्र दोनों देशों के बीच व्यापार का अहम रास्ता है। यहां ताजे फल और अन्य सामान लेकर जाने वाले ट्रकों की आवाजाही होती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्रेड गेट 250 के आसपास व्यावसायिक वाहनों को निशाना बनाए जाने और आगजनी की खबरें सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई और हमलावरों की तलाश शुरू की गई। हालांकि, इस विशेष घटना में कितने ट्रक जले, कितने लोग घायल हुए और हमले के पीछे कौन था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल रिपोर्ट की गई घटना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बलूचिस्तान में पहले भी सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और परिवहन से जुड़े ठिकानों पर हमले होते रहे हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में किसी भी नई हिंसक घटना से व्यापारियों और ट्रक चालकों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान-ईरान सीमा पर क्यों फंसे हैं सैकड़ों ट्रक?
पाकिस्तान ने 17 अक्टूबर के आसपास ईरान के साथ गबद-रिमदान और ताफ्तान सीमा चौकियों से वाणिज्यिक व्यापार रोक दिया था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस कदम के पीछे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, तस्करी रोकने और सीमा प्रबंधन सुधारने का हवाला दिया।
इस फैसले से दोनों तरफ सामान लेकर खड़े ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई। इनमें एलपीजी, चावल, ताजे फल और अन्य जरूरी सामान से लदे वाहन शामिल हैं। व्यापारियों का कहना है कि सीमा बंद रहने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
AFP की 21 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, गबद-रिमदान सीमा पर सैकड़ों भारी वाहन इंतजार कर रहे थे। कई ट्रक चालक कई दिनों से फंसे हुए थे। ट्रक चालक अब्दुल गनी ने बताया कि उन्हें पीने का पानी और खाने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं मिल रही हैं। व्यापारियों ने नुकसान के बढ़ने की आशंका जताई है।
ईरान ने पाकिस्तान को क्या चेतावनी दी?
ईरान-पाकिस्तान संसदीय मैत्री समूह के प्रमुख और सांसद फदाहोसैन मलिकी ने 22 अक्टूबर को ईरानी समाचार एजेंसी ILNA से बातचीत में सीमा पर ट्रकों की आवाजाही का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान से ईरान जाने वाले ट्रकों को प्रवेश मिल रहा है, लेकिन ईरान से पाकिस्तान की ओर आने वाले वाहनों की आवाजाही अब भी बाधित है।
मलिकी ने कहा कि अगर यह स्थिति जारी रही, तो ईरान भी अपनी तरफ से सीमा बंद कर सकता है। उन्होंने पाकिस्तान के राजदूत और संबंधित प्रांतीय अधिकारियों को इस मामले पर चर्चा के लिए संसद में बुलाने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान का यह कदम अमेरिकी दबाव से जुड़ा हो सकता है। यह उनका दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस चेतावनी से साफ है कि सीमा पर व्यापार का विवाद अब केवल तकनीकी या प्रशासनिक समस्या तक सीमित नहीं रहा। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है।
असीम मुनीर की यात्रा के बाद भी क्यों नहीं निकला रास्ता?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर 20 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे थे। उनकी यात्रा का एक अहम संदर्भ अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता भी था। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
लेकिन सीमा व्यापार से जुड़ी समस्या अब भी बनी हुई है। ईरानी सांसद के मुताबिक, दोनों दिशाओं में ट्रकों की आवाजाही सामान्य नहीं हुई है। पाकिस्तान ने व्यापार रोकने के लिए सुरक्षा कारण बताए हैं, जबकि ईरानी पक्ष ने तकनीकी समस्या और एहतियाती कदमों का भी उल्लेख किया है। दोनों देशों के बीच संपर्क जारी होने की खबरें हैं, लेकिन व्यापार पूरी तरह बहाल होने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।
व्यापार बंद रहने से कितना नुकसान हो सकता है?
सीमा बंद होने से फल और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामान के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ट्रकों के लंबे समय तक खड़े रहने से परिवहन लागत, ईंधन खर्च और चालकों की मुश्किलें बढ़ती हैं। व्यापारियों ने अरबों पाकिस्तानी रुपये के नुकसान की आशंका जताई है, हालांकि वास्तविक नुकसान का अंतिम आकलन सामने नहीं आया है।
अगर पाकिस्तान और ईरान के बीच व्यापारिक आवाजाही जल्द सामान्य नहीं होती और ईरान भी सीमा बंद करने का कदम उठाता है, तो दोनों तरफ के कारोबारियों को और परेशानी हो सकती है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश सुरक्षा संबंधी चिंताओं और ट्रकों की आवाजाही के विवाद को बातचीत से सुलझा पाएंगे।








