समाचार गढ़ 2 नवंबर 2026।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सड़क निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। छापोली गांव में काम कर रहे मजदूर अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के मुताबिक, छापोली गांव में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, बिजली की लाइन 11 हजार वोल्ट की थी। करंट लगने से कई मजदूर गंभीर रूप से प्रभावित हुए। पुलिस ने हादसे में 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, कई अन्य लोगों के झुलसने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, धरना शुरू
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने हादसे को लेकर धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और घटना के प्रति नाराजगी जताई।
सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई और हादसे से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत ने जताया दुख
हादसे में मजदूरों की मौत पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि झुंझुनूं में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण जैसे कार्यों के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की विस्तृत जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।








