जनदबाव के आगे झुकी व्यवस्था, अब लगेगा वेस्ट निस्तारण प्लांट, डंपिंग यार्ड की समस्या पर आखिरकार हुआ फैसला
श्रीडूंगरगढ़, श्रीडूंगरगढ़।
लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहे डंपिंग यार्ड और गोवंश की अकाल मौतों को लेकर उठे जबरदस्त जनविरोध के बाद अब सरकार और जनप्रतिनिधि हरकत में आए हैं। राज्य सरकार की स्वीकृति से श्रीडूंगरगढ़ में वेस्ट निस्तारण प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रतिदिन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
यह प्लांट डंपिंग यार्ड में स्थापित होगा और अनुबंध के तहत आगामी 20 वर्षों तक लगातार कार्य करेगा। बताया जा रहा है कि इस योजना को विधायक ताराचंद सारस्वत के प्रयासों से स्वीकृति मिली है।
विधायक सारस्वत ने इसे गोवंश की अकाल मौत रोकने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया है। उनका कहना है कि प्लांट शुरू होने से खुले में पड़े कचरे की समस्या खत्म होगी और क्षेत्र को राहत मिलेगी।
हालांकि सवाल यह भी है कि
➡️ जो समस्या लंबे समय से सबको दिख रही थी, वह अब क्यों दिखी?
➡️ जब गोवंश मर रहा था, पर्यावरण बिगड़ रहा था, तब पहल क्यों नहीं हुई?
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पहले ही ठोस कदम उठाए जाते, तो हालात इतने भयावह नहीं होते। फिर भी, देर से लिया गया यह फैसला सही दिशा में कदम माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
✔️ प्लांट कब तक जमीन पर उतरता है
✔️ और क्या यह सिर्फ घोषणा बनकर रह जाता है या वाकई धरातल पर बदलाव लाता है
जनता का दबाव रंग लाया है, लेकिन जवाबदेही अभी बाकी है।
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