Nature Nature

स्पीकर पद के लिए अब चुनाव होना तय, ओम बिरला के सामने उतरे के.सुरेश

Nature

समाचार गढ़, 25 जून, श्रीडूंगरगढ़। 18वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुनने के लिए अब चुनाव होना तय है। INDIA गठबंधन की ओर से के.सुरेश को NDA उम्मीदवार ओम बिरला के खिलाफ मैदान में उतारा गया है. के.सुरेश ने नामांकन दाखिल कर दिया है। इस पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने कहा, ‘पहले डिप्टी स्पीकर के लिए नाम तय करें, फिर हम स्पीकर उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। हम ऐसी राजनीति की निंदा करते हैं। एक अच्छी परंपरा होती अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हो।अध्यक्ष किसी दल या विपक्ष का नहीं होता, वह पूरे सदन का होता है। उसी प्रकार उपाध्यक्ष भी किसी दल या समूह का नहीं होता। इसलिए सहमति होनी चाहिए सदन की ऐसी शर्तें कि कोई विशेष व्यक्ति या किसी विशेष दल से ही उपाध्यक्ष होना चाहिए, लोकसभा की किसी भी परंपरा में फिट नहीं बैठती।

छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कर लोकसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम बिरला के नाम एक ऐसा रिकार्ड दर्ज हो गया है जिसके टूटने की हाल-फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही।यह रिकार्ड है उनके द्वारा संसद के पुराने और नये भवन में लोकसभा की अध्यक्षता करने का. 17वीं लोकसभा में उनके अध्यक्ष रहने के दौरान दिसंबर 2023 में लोकसभा से बड़ी संख्या में सांसदों को निलंबित किए जाने के कारण भी उनका कार्यकाल सुर्खियों में रहा था। उस दौरान ही 2023 में नयी संसद का उद्घाटन हुआ और नये लोकसभा कक्ष में बिरला ने अध्यक्ष के रूप में निचले सदन की कार्यवाही का संचालन किया।

स्पीकर बनने वाले राजस्थान मूल के पहले राजनेता

बिरला को पर्दे के पीछे रहकर संगठन के लिए काम करने वाला नेता माना जाता है। भाजपा की युवा शाखा के लिए उन्होंने सालों साल काम किया और इस दौरान भाजपा के आम कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेताओं के संपर्क में आए। इनमें तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी है। यही कारण है कि शाह व मोदी ने जून 2019 में सबको चौंकाते हुए लोकसभा अध्यक्ष के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया। लोकसभा अध्यक्ष पद पर पहुंचने वाले बिरला राजस्थान मूल के पहले राजनेता हैं। इससे पहले बलराम जाखड़ 1980 से 1989 तक इस पद पर रहे जो पहले फिरोजपुर 1980 व बाद में राजस्थान के सीकर 1984 से सांसद थे।

जन्मभूमि के साथ कर्मभूमि रही कोटा

दस्तावेजों के अनुसार, बिरला का जन्म 23 नवंबर 1962 को हुआ। उनके पिता उस समय श्रीकृष्ण सरकारी सेवा में थे तो मां शकुंतला घर संभालती थीं। बासठ वर्षीय बिरला के लिए कोटा जन्मभूमि व कर्मभूमि दोनों रही है। उन्होंने स्कूली शिक्षा कोटा के गुमानपुरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से की और उसके बाद बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से बीकॉम व एम कॉम किया। उनकी शादी अमिता से हुई और उनके दो बेटियां अंजली, आकांक्षा हैं. अमिता पेशे से सरकारी चिकित्सक हैं।

  • Related Posts

    13 नवंबर को लेकर बलूचिस्तान का बड़ा ऐलान, दुनिया भर में मनाया जाएगा बलूच राष्ट्रीय शहीद दिवस

    समाचार गढ़ 27 अक्टूबर 2026। बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर जारी संघर्ष के बीच ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने 13 नवंबर को हर साल दुनिया भर में बलूच राष्ट्रीय…

    दौरे पड़ने का नाटक, गार्ड पर हमला और फिर फरार हुए 17 कैदी; तमिलनाडु की जेल में मचा हड़कंप, 4 गिरफ्तार

    समाचार गढ़ 27 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु: तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी जेल से 17 कैदियों के एक साथ फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    13 नवंबर को लेकर बलूचिस्तान का बड़ा ऐलान, दुनिया भर में मनाया जाएगा बलूच राष्ट्रीय शहीद दिवस

    13 नवंबर को लेकर बलूचिस्तान का बड़ा ऐलान, दुनिया भर में मनाया जाएगा बलूच राष्ट्रीय शहीद दिवस

    दौरे पड़ने का नाटक, गार्ड पर हमला और फिर फरार हुए 17 कैदी; तमिलनाडु की जेल में मचा हड़कंप, 4 गिरफ्तार

    दौरे पड़ने का नाटक, गार्ड पर हमला और फिर फरार हुए 17 कैदी; तमिलनाडु की जेल में मचा हड़कंप, 4 गिरफ्तार

    अरुणाचल बॉर्डर पर सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों के बीच चीन का बयान, भारत से क्या कहा?

    अरुणाचल बॉर्डर पर सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों के बीच चीन का बयान, भारत से क्या कहा?

    इंस्टाग्राम पर 14 लाख फॉलोअर्स, गांव में सिर्फ 33 वोट! चुनाव में कैसे पलट गया पूरा खेल?

    इंस्टाग्राम पर 14 लाख फॉलोअर्स, गांव में सिर्फ 33 वोट! चुनाव में कैसे पलट गया पूरा खेल?

    Piyush Goyal on Europe: “ये समस्या आपने पैदा की!” जलवायु पर यूरोप को सुनाई खरी-खरी, CBAM और स्टील शुल्क पर भी घेरा

    Piyush Goyal on Europe: “ये समस्या आपने पैदा की!” जलवायु पर यूरोप को सुनाई खरी-खरी, CBAM और स्टील शुल्क पर भी घेरा

    बैंक खाते में AI की घुसपैठ! अमेरिका के बड़े बैंकों ने क्यों कसे शिकंजे?

    बैंक खाते में AI की घुसपैठ! अमेरिका के बड़े बैंकों ने क्यों कसे शिकंजे?
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights