
समाचार गढ़, 31 मार्च, श्रीडूंगरगढ़। गणगौर का पारंपरिक पर्व उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। यह पर्व सोमवार को ईसर-गणगौर की विशेष पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सजी-धजी महिलाओं और युवतियों ने बैंड-बाजों की धुन पर थिरकते हुए गणगौर माता को भावभीनी विदाई दी। अविवाहित कन्याओं ने मनचाहा जीवनसाथी पाने की प्रार्थना की, जबकि सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए पूजन किया।

परंपरा और श्रद्धा का अनूठा संगम
गणगौर सेवा समिति के तत्वावधान में बैंड-बाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो हनुमान क्लब, गणेश मंदिर, बिग्गाबास, मुख्य बाजार की गलियों से होते हुए नेहरू पार्क कालू बास पहुंची। यहां पंडित रामदेव उपाध्याय द्वारा विधिपूर्वक गणगौर माता को भोग अर्पित कर प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा में सजे-संवरे ऊंट, घोड़े और रथों पर सवार गणगौर माता की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
इस आयोजन में सेवा धाम छात्रावास, सरस्वती संस्कृत विद्यालय और संस्कार स्कूल की छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। गणगौर सवारी में समिति सदस्य श्यामसुंदर पारीक, मनोज डागा, सत्यनारायण स्वामी, मनोज गुसाईं, इंद्रचंद तापड़िया, लक्ष्मीनारायण भादू, महावीर माली सहित कई लोग आयोजन व्यवस्था में सक्रिय रहे।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष अंजू पारख, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष सुनीता डागा सहित अनेक संगठनों की महिलाएं शामिल हुईं। आड़सर बास सत्संग महिला मंडल, राधिका सत्संग महिला मंडली, लक्ष्मी सुथार सहित कई समूहों की महिलाओं ने शोभायात्रा में भाग लिया।

गणगौर फेरों का आयोजन कल
गणगौर सेवा समिति के अनुसार मंगलवार को नेहरू पार्क में गणगौर फेरों का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां अपनी गणगौर लेकर शामिल होंगी।









