समाचार गढ़ 28 फरवरी 2026। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा लोगों के मारे जाने और 500 से अधिक के घायल होने की खबर है। दोनों देशों ने एक-दूसरे को आगे भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब इस मुद्दे पर दखल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे हस्तक्षेप कर सकते हैं, हालांकि उनके पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते हैं और पाकिस्तान इस समय अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात तब हुई जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुई पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर काबुल, कंधार, पक्तिया और नंगरहार समेत कई प्रांतों में हवाई हमले किए। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के मुताबिक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए, 400 से ज्यादा घायल हुए, 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की गईं, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 पर कब्जा कर लिया गया। पाकिस्तान ने अपने 12 सैनिकों की मौत और 27 के घायल होने की भी पुष्टि की है।

वहीं तालिबान का दावा है कि उसके केवल 8 से 13 लड़ाके मारे गए, जबकि 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन हमले कर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। दूसरी ओर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिराए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद पाकिस्तान ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया।

पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर और अन्य अहम ठिकानों को निशाना बनाया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई। पाकिस्तान का आरोप है कि देश में आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है और अफगान तालिबान की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
22 फरवरी को पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें 70 से 80 लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया। अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए निंदा की और कहा कि नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज के मुताबिक नंगरहार में एक घर पर हमले में एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है, और 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से तनाव और बढ़ गया है।











