समाचार-गढ़ 28 सितंबर, 2026।
राजस्थान में बीकानेर से जोधपुर के बीच एनएच-62 को फोरलेन में बदलने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है, लेकिन जोधपुर-नागौर हिस्से का प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल से अटका हुआ है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जोधपुर से नागौर के हिस्से के लिए मार्च 2025 में मंजूरी जारी की थी, लेकिन अभी तक इस पर वर्क ऑर्डर नहीं हुआ है।
वहीं, करीब तीन महीने पहले नागौर से बीकानेर तक के हिस्से के लिए भी वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत कुल 212 किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाना है, जिस पर 2752 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होंगे। फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
20 से अधिक ओवरब्रिज होंगे
फोरलेन के इस हिस्से में 20 से अधिक ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इससे रास्ते में आने वाले कस्बों और गांवों को पार करना आसान होगा। वहीं, वाहन नागौर शहर के भीतर आने के बजाय बाईपास के जरिए आगे निकल सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, मार्ग से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य जरूरी कार्य शुरू किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
नागौर-जोधपुर का प्रोजेक्ट डेढ़ साल से अटका
नागौर-जोधपुर रोड पर नेतड़ा तक 87 किलोमीटर और बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को जोड़ने वाले 16 किलोमीटर बाईपास की स्वीकृति सड़क परिवहन मंत्रालय ने मार्च 2025 में जारी की थी। इस हिस्से पर कुल 1393.34 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। हालांकि, स्वीकृति के करीब डेढ़ साल बाद भी प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हुआ है।
नागौर से बीकानेर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू
वर्तमान में दो लेन वाले एनएच-62 के नागौर से बीकानेर तक 109.24 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में बदला जाएगा। केन्द्रीय मंत्रालय ने इसके लिए जून 2026 में 1359.31 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की थी।
इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 14 हजार पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) वाहनों का आवागमन होता है। विभाग की ओर से 24 सितंबर को 1100.69 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है।
रिंग रोड की जरूरत को लेकर भी उठा मुद्दा
नागौर-जोधपुर फोरलेन के साथ नागौर शहर के चारों तरफ रिंग रोड की जरूरत का मुद्दा भी लगातार उठाया गया। शहर से होकर गुजरने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों का दबाव रहता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके बाद यह मामला केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तक पहुंचा और दोनों परियोजनाओं के साथ नागौर में रिंग रोड को भी मंजूरी मिली।
जल्द शुरू होगा काम
नागौर-जोधपुर फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब स्वीकृति पत्र (LOA) जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयास है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाया जाए।
अनिल धौलिया, एक्सईएन, एनएच, नागौर खंड ने कहा कि नागौर-जोधपुर फोरलेन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एलओए की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि कार्य यथाशीघ्र शुरू करवाया जाए।








