समाचार-गढ़ 28 सितंबर, 2026।
राजस्थान में रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर जुबानी टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया। इसके बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल खड़े किए।
CM भजनलाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को जनता के बीच काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने SIR को लेकर एक ऐसा नैरेटिव बनाया है, जिसे वह तथ्यहीन मानते हैं। सीएम ने विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण सार्वजनिक करने को कहा।
भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण को ध्यान में रखते हुए मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर किसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने SIR का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को इसे वैध प्रक्रिया माना था।
गहलोत ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा कि पहले संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए राजनीतिक दल मिलकर रास्ता निकालने की बात करते थे, लेकिन मौजूदा स्थिति अलग है।
गहलोत ने चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के पिछले बयानों का भी उल्लेख किया और कहा कि वे पिछले दो वर्षों से SIR और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने या उनके इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। इससे पहले भी वह चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर ऐसी मांग कर चुके हैं।
SIR और चुनाव आयोग बना सियासी मुद्दा
दरअसल, चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को अपने बयान में फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण दिया था। इसके बाद भाजपा नेताओं और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राजस्थान में इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आमने-सामने नजर आए। एक तरफ मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस को घेरा, तो दूसरी ओर गहलोत ने आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठाए।








