समाचार गढ़, 26 फरवरी 2026। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में जांच ने अहम मोड़ ले लिया है। नाबालिग पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि होने का दावा किया गया है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच अधिकारी को सौंप दी गई है और इसे अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने फिलहाल मामले को न्यायालयाधीन बताते हुए विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।
मामले की शिकायत आशुतोष महाराज ने की थी। उनका कहना है कि पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और मेडिकल रिपोर्ट से आरोपों की पुष्टि होती है। एक पीड़ित नाबालिग ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि वह पढ़ाई के लिए आश्रम गया था, जहां उसके साथ शोषण हुआ। उसने यह भी दावा किया कि अन्य बच्चों के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हुईं। पीड़ित ने शंकराचार्य के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद तथा अन्य सहयोगियों के नाम भी लिए हैं।
इस बीच, शंकराचार्य के वकील को जान से मारने की धमकी मिलने की सूचना है। मोबाइल पर भेजे गए संदेश में वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत प्रयागराज में आयोजित माघ मेला 2026 के दौरान विवाद से हुई थी। बाद में विशेष पॉक्सो अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।
शंकराचार्य ने इन आरोपों को साजिश करार देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाया है और इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अदालत में अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।









