दिनांक 10-06-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
आज मात्र 10 नाम स्मरण करने से शनि देव होंगे शिघ्र प्रसन्न जानें कैसे ?
श्री गणेशाय नम:
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 10/06/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – ग्रीष्म
* अयन- उत्तरायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- कृष्ण
* तिथि- सप्तमी दोपहर 13:58 बजे उपरांत अष्टमी
* वार- शनिवार
* नक्षत्र – शतभिषा सायं 15:35 बजे उपरांत पूर्वाभाद्रपद
योग– 1 विष्कुम्भ- दोपहर 13:09 बजे उपरांत 2 प्रीति
करण– 1 बव -13:58 P.M. 2 बालव-25:00:36 A.M. 3 कौलव
* चंद्र राशि – कुंभ
चंद्र बल – मेष,वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ
सम्वत् नाम – पिंगल
सूर्योदय – 05:45 A.M. सूर्यास्त – 07:22 P.M.
दिनमान – 13:37
रात्रिमान – 10:23 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -12:09:30 बजे से 12:57:30 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक राहुकाल- प्रातः 9:00 से 10:30 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1. प्रातः 05:45:00 से 07:27:07 बजे तक 2. सायं 05:39:52 से 07:22 बजे तक
3.रात्रि 07:22 से 08:39:52 तक
4.रात्रि 04:27:07 से 05:45:00 तक
गुलिक काल – प्रातः 6:00 से 7:30 बजे तक
दिशा शूल – पूर्व दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.काल- प्रातः 05:45 से 07:27:07 तक(कालवेला निषेध)
2.शुभ-प्रातः 07:27:07 से 09:09:15 तक
- रोग -प्रातः 09:09:15 से 10:51:22 तक
4.उद्वेग- प्रातः 10:51:22 से 12:33:30 तक
5.चंचल-दोपहर 12:33:30 से 02:15:37 तक
6.लाभ-दोपहर 02:15:37 से 03:57:45 तक ( वार वेला निषेध)
7.अमृत-सायं 03:57:45 से 05:39:52 तक
8.काल- सायं 05:39:52 से 07:22 तक (कालवेला निषेध)
चौघड़िया ( रात्रि)
1.लाभ- रात्रि 07:22 से 08:39:52 तक (कालवेला निषेध)
- उद्वेग-रात्रि 08:39:52 से 09:57:45 तक
3.शुभ-रात्रि 09:57:45 से 11:15:37 तक
4.अमृत-रात्रि 11:15:37 से 12:33:30 तक
5.चंचल-रात्रि 12:33:30 से 01:51:22 तक
6.रोग-रात्रि 01:51:22 से 03:09:15 तक
7.काल-रात्रि 03:09:15 से 04:27:07 तक
8.लाभ-रात्रि 04:27:07 से 05:45 तक (कालवेला निषेध) विशेष- यदि आपकी जन्मकुंडली या गोचर कुंडली में शनि ग्रह की महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती, ढैया आदि चल रही है या शनि ग्रह किसी भी प्रकार से पीड़ित हैं तो कृपया आज मात्र इन 10 नामों का स्मरण अवश्य करें। इन 10 नामों का स्मरण करने से न केवल शनि दोष से मुक्ति मिलती है बल्कि इसके साथ ही रुके हुए सभी कार्य शीघ्रता से सफल होने के प्रबल आसार जागृत होते हैं।
१.कोणस्थ २.पिंगल ३. बभ्रु ४.कृष्ण ५.रौद्रान्तक ६.यम ७.सौरि ८.शनैश्चर ९.मंद १०.पिप्पलाश्र
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















