समाचार गढ़ 1 जून 2025 पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण और रेगिस्तानी क्षेत्रों में पशुपालन न केवल रोजगार का प्रमुख साधन है, बल्कि यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा पशुधन उत्पादक राज्य है और यहां के लोग दूध, मांस, बाल और फर के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव रोजड़ा में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए श्री कुमावत ने कहा कि पशुपालन अब स्टार्टअप के रूप में भी उभर रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की हर समस्या का समाधान करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने बताया कि पशुओं को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए प्रदेश में 536 मोबाइल वेटनरी यूनिट्स की शुरुआत की गई है। पशुपालक इन मोबाइल वैन को अपने घर बुलाकर निशुल्क इलाज की सुविधा ले सकते हैं।
इसके अलावा सरकार पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्तियां भी कर रही है। इसमें 724 पशु चिकित्सा अधिकारियों, 5934 पशुधन परिचरों और 2041 पशुधन सहायकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने सभी पशुपालकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।











