समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़, 4 अगस्त 2025।
उदरासर गांव में करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुए मुन्नीराम ब्राह्मण के मामले में परिजनों और स्थानीय समाज ने बिजली विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद श्री छः न्याति ब्राह्मण महासंघ, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुन्नीराम ब्राह्मण पुत्र हनुमानराम, निवासी गांव उदसरास, पिछले 8 वर्षों से जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVNL) के जीएसएस पर संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत हैं। 28 जुलाई 2025 को सुबह 4:30 बजे के करीब वे JEN नारायण खुराना के साथ बिजली पोल से फाल्ट निकालने गए थे। बताया गया कि मुन्नीराम पोल पर चढ़े हुए थे और तभी बिना पूर्व सूचना के जीएसएस से बिजली लाइन चालू कर दी गई, जिससे मुन्नीराम करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह से झुलस गए।
घटना के बाद JEN द्वारा मुन्नीराम को श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें बीकानेर ट्रोमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में मुन्नीराम बीकानेर के ट्रोमा सेंटर में उपचाराधीन हैं। महासंघ के अध्यक्ष आईदान पारीक, महामंत्री प्रवीण पालीवाल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुर्घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल तक नहीं पहुंचे, जिससे परिजन बेहद आक्रोशित हैं।
महासंघ ने आरोप लगाया कि विभाग की घोर लापरवाही से यह हादसा हुआ है और यदि समय रहते मुन्नीराम को उपचार मिलता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। महासंघ ने पीड़ित परिवार को ₹50 लाख मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी, इलाज का पूरा खर्च और मुन्नीराम को आजीवन पेंशन देने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा, शहर अध्यक्ष रजत आसोपा, हरिकांत शर्मा, घनश्याम पंचारिया भी मौजूद रहे।












