जयपुर से आए आदेश ने बदला परिसीमन का नक्शा
ग्रामीणों की एकजुट आवाज और राजनीतिक दबाव लाया रंग
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
नव परिसीमन के तहत श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दो पंचायत समितियों का गठन किया गया था। इस दौरान भाजपा के एक बड़े नेता के पैतृक गांव पुन्दलसर को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति से हटाकर पंचायत समिति रीड़ी में शामिल किए जाने को लेकर जबरदस्त विरोध सामने आया।
संपूर्ण ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत के नेतृत्व में इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्थानीय उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, जिला कलेक्टर, विधायक, सांसद, पंचायतीराज मंत्री, पंचायत परिसीमन संयोजक राजेन्द्र सिंह राठौड़, सहसंयोजक अरुण चतुर्वेदी, भाजपा संगठन के जिला व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री तक अपनी आपत्ति पहुंचाई।
ग्रामीणों का कहना था कि श्रीडूंगरगढ़ के नजदीकी गांव होने के बावजूद पुन्दलसर को रीड़ी पंचायत समिति में शामिल करना तर्कसंगत नहीं है, जबकि परिसीमन रिपोर्ट में भी इसे रीड़ी में दर्शाया गया था।
इसके बाद चली राजनीतिक व प्रशासनिक कवायद और भाजपा की अंदरूनी विरोध की आवाज जयपुर के शीर्ष नेताओं तक पहुंची। सोमवार को जयपुर से जारी आदेश में पुन्दलसर को रीड़ी पंचायत समिति से विलोपित कर पुनः श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में शामिल कर दिया गया।
इस संशोधन के बाद अब श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में कुल 33 ग्राम पंचायतें तथा पंचायत समिति रीड़ी में 31 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी। आदेश के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं को नया बल मिला है। माना जा रहा है कि आगामी पंचायत समिति सदस्यों के वार्ड परिसीमन में भी ग्राम पंचायत पुन्दलसर को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में ही रखा जाएगा।
फैसले के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है। सभी ने निर्णय का स्वागत करते हुए संघर्ष में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों, नेताओं व समर्थकों का आभार जताया है।












