गंदगी, गोवंश और अव्यवस्था पर सख्ती, श्रीडूंगरगढ़ में बदलेगा स्वच्छता का सिस्टम
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
श्रीडूंगरगढ़ में डंपिंग यार्ड में गौवंश की मौतों के बाद अब प्रशासन व विधायक सक्रियता के साथ इसमें सुधार के प्रयास कर रहे है इसी के तहत वे लगातार डंपिंग यार्ड का निरीक्षण कर रहे है। इस दौरान विधायक ताराचंद सारस्वत ने आज कालू रोड स्थित डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया और क्षेत्र में फैली गंदगी के शीघ्र व प्रभावी निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा, पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारी श्रीवर्धन शर्मा सहित भाजपा पार्षद एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने डंपिंग यार्ड के आसपास स्थित गौशालाओं का भी निरीक्षण किया तथा आवारा विचरण करने वाले गोवंश को तत्काल गौशालाओं में भिजवाने के निर्देश दिए।
विधायक सारस्वत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोवंश के साथ किसी भी प्रकार का दुराचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डंपिंग यार्ड क्षेत्र में फैली अव्यवस्था को रोकने तथा बाहर से आने वाले आवारा पशुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए चारों ओर दीवार अथवा तारबंदी कर कवर करने के निर्देश दिए, जिस पर मौके पर ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
इसी क्रम में श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। विधायक ताराचंद सारस्वत के निरंतर प्रयासों से राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग (DLB) द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत क्लस्टर-06 के लिए सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
इस परियोजना के तहत क्लस्टर-06 के अंतर्गत आने वाले 10 नगरीय निकायों के लिए कम्पोस्ट एवं RDF आधारित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना, संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा। यह परियोजना VGF (Viability Gap Funding) मॉडल पर 20 वर्षों के O&M के साथ लागू की जाएगी।
वर्क ऑर्डर मेसर्स अलवाज़ो सॉल्यूशंस प्रा. लि. (लीड मेंबर) एवं मेसर्स दया चरण एंड कंपनी (JV) को प्रदान किया गया है। परियोजना की कुल लागत ₹2548 करोड़ निर्धारित की गई है, जिसमें से ₹1987 करोड़ VGF के रूप में दिए जाएंगे। कचरे के प्रसंस्करण पर ₹325 प्रति मीट्रिक टन की दर से टिपिंग फीस देय होगी। वर्क ऑर्डर जारी होने के 30 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ होगा तथा 12 माह में प्लांट पूर्ण किया जाएगा।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।












