अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की तबियत बिगड़ी, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
समाचार गढ़ 22 फरवरी 2026। पीबीएम अस्पताल में ऑपरेशन के बाद युवती की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इस संबंध में परिजनों ने संबंधित डॉक्टर आर के काजला पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, लक्ष्मण मेघवाल की 22 वर्षीय बहन सुमन को पेट दर्द की शिकायत पर दो फरवरी को पीबीएम अस्पताल में दिखाया गया। डॉक्टर काजला द्वारा अपेंडिक्स का छोटा ऑपरेशन बताकर आश्वस्त किया गया कि दो-तीन टांकों में समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके बाद तीन फरवरी को भर्ती कर 13 फरवरी 2026 को ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पेट को एक फुट से अधिक चीरा गया, जिसके बाद सुमन की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप है कि टांकों में भी गंभीर लापरवाही रही, जिससे हालत और नाजुक हो गई। परिवादी का कहना है कि जब इस संबंध में डॉक्टर काजला से बात की तो पहले गलती स्वीकार की, लेकिन बाद में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परिजनों ने नेशनल क्राइम कंट्रोल के जिला चेयरमैन को शिकायत पत्र सौंपकर ऑपरेशन की निष्पक्ष जांच कराने तथा डॉक्टर आर. के. काजला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट, थाने में मामला दर्ज
समाचार गढ़ 22 फरवरी 2026। नोखा के जसरासर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। परिवादी जसरासर निवासी 69 वर्षीय महिला रामकंवरी ने महेन्द्र नाम के युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। घटना काकड़ा में 15 फरवरी की दोपहर को 3 बजे के आसपास की है। इस सम्बंध में पार्थिया ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। जिसके बाद आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ की मासिक बैठक, कार्ययोजना की तैयार, सौंपी जिम्मेदारी
समाचार गढ़ 22 फरवरी 2026। बीकानेर शहर जिला कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष उमा करल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संगठन की एक माह की कार्ययोजना तैयार कर अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई। उमा करल ने कहा कि ओबीसी समुदाय आज की तारीख में सबसे बड़ा समुदाय है और भारतीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका अदा करता है इस लिहाज से हमारा दायित्व है कि ओबीसी परिवारों के सामने आने वाली दिक्कतों को पहचान कर उनके समाधान का प्रयास करना हमारा दायित्व है इसके साथ ही सभी पदाधिकारी अपने अपने प्रभार क्षेत्र में पूर्ण सक्रियता के साथ कार्य करते हुए ओबीसी परिवारों की सूची तैयार करे ताकि उन परिवारों तक हमारी सीधी पहुंच हो सके। उमा करल ने कहा कि पद लेकर बैठने वालो से कार्य नहीं होता आपको अगर अपने क्षेत्र में सफ़ल होना है तो ईमानदारी और सक्रियता से आम जन के हितार्थ कार्य करना होगा। ओबीसी संगठन महासचिव नवीन जांगिड़ ने बैठक का संचालन करते हुए अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों की सूचना दी और प्राप्त विचारों के आधार पर कार्ययोजना तैयार की इसके साथ ही आगामी दिनों में संगठन की अधिक सक्रियता और कार्यक्रम में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वाहन किया बैठक में उपाध्यक्ष संजय भाटी, उपाध्यक्ष कैलाश गहलोत, महासचिव रितेश शर्मा, महासचिव धीरज चौधरी, सचिव शराफत अली, सचिव अली राजा, ने संगठन के कार्य हेतु अपने महत्वपूर्ण विचार रखे इस अवसर पर ओबीसी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
विद्यालयों में दूध या पाउडर मिल्क की मांग आवश्यकता के आधार पर की जाए, अधिक स्टॉक स्वीकार्य नहीं
समाचार गढ़ 22 फरवरी 2026, बीकानेर। राज्य में संचालित पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त मिड डे मील योजना विश्व मोहन शर्मा ने समस्त जिला कलक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में दूध या पाउडर मिल्क की मांग केवल वास्तविक आवश्यकता के आधार पर ही की जाए, किसी भी स्थिति में अधिक स्टॉक स्वीकार्य नहीं होगा।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि पिछले वर्षों के अनुभवों से यह सामने आया है कि कई विद्यालय वास्तविक जरूरत से अधिक दूध या पाउडर मिल्क की मांग कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में अनावश्यक स्टॉक, सामग्री की एक्सपायरी और वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की स्थिति बन रही है। इससे न केवल योजना की मंशा प्रभावित हो रही है, बल्कि विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
अब मांग की प्रक्रिया होगी सख्त
नए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को अपनी मांग वास्तविक नामांकन, पिछले तीन माह की औसत उपस्थिति और उपलब्ध शेष स्टॉक के आधार पर ही तय करनी होगी। अनुमान या पूर्ण नामांकन के आधार पर मांग करना प्रतिबंधित रहेगा। बिना आवश्यकता मांग प्रस्तुत करने वाले संस्था प्रधानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पर्याप्त स्टॉक होने पर नहीं मिलेगी नई आपूर्ति
यदि किसी विद्यालय में पहले से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है या किसी कारणवश वितरण संभव नहीं है, तो संस्था प्रधान को लिखित रूप में “नो डिमांड” की सूचना देनी होगी। ऐसी स्थिति में नई आपूर्ति नहीं ली जाएगी। अनावश्यक आपूर्ति को लापरवाही और कर्तव्यहीनता माना जाएगा।
ब्लॉक और जिला स्तर पर पूर्व स्वीकृति अनिवार्य
विद्यालयों की मांग को पहले मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा, उसके बाद जिला स्तर पर अनुमोदन होगा। अत्यधिक या असामान्य मांग वाले विद्यालयों की भौतिक जांच अनिवार्य कर दी गई है।
उल्लंघन पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
निर्देशों में साफ कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक मांग, जानबूझकर अधिक स्टॉक रखने, वितरण न होने के बावजूद आपूर्ति लेने या एक्सपायरी स्टॉक की स्थिति बनने पर राजस्थान सिविल सेवा (सीसीए) नियम, 1958 के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर दुरुपयोग की गुंजाइश न रहे। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा









