समाचार गढ़ 30 मई 2026। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार समझौते के तहत ईरान के लिए 300 अरब डॉलर (करीब 25 लाख करोड़ रुपए) के पुनर्निर्माण फंड और अमेरिकी कंपनियों के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है।
रिपोर्ट्स में एक ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होने की स्थिति में यह आर्थिक सहायता पैकेज ईरान को उपलब्ध कराया जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि दोनों देश परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। ट्रम्प के अनुसार संभावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता देगा, जबकि अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और होर्मुज स्ट्रेट में किसी प्रकार का टोल नहीं लगने देने पर सहमत हो सकता है।
हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो रही है और उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है।
उधर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान केवल अमेरिका के व्यावहारिक कदमों पर भरोसा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका ठोस कार्रवाई नहीं करता, ईरान भी कोई रियायत नहीं देगा।
इसी बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 24 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है और समुद्री यातायात नियंत्रित रूप से संचालित किया जा रहा है।
वहीं क्षेत्रीय तनाव के बीच इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी जारी की है। इजराइली सेना का कहना है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की जा रही है।













