समाचार गढ़ 12 जून 2026। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से निवेशकों का उत्साह बढ़ा और बाजार रिकॉर्ड तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 1695 अंक की छलांग लगाकर 75,527.95 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 461 अंक मजबूत होकर 23,622.90 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते बैंक निफ्टी भी 1638 अंक उछलकर 56,800 के पार पहुंच गया।
बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल रहा। बीएसई के 30 प्रमुख शेयरों में पावरग्रिड और टेक महिंद्रा को छोड़कर अधिकांश कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 5.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एलएंडटी, इंडिगो, टाइटन और एटर्नल के शेयरों में भी करीब 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी रही। बाजार में आई इस तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखाई दिया। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की खबर रही। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करने तथा क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर समझौता अंतिम चरण में है और जल्द इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार को मजबूती दी। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 5 प्रतिशत गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे तेल आयात पर निर्भर कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी।
एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 8 प्रतिशत से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 3 प्रतिशत और चीन तथा हांगकांग के प्रमुख सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सकारात्मक असर भी भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया।









