समाचार गढ़। रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की कथित अवैध घुसपैठ तथा उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एटीएस की एफआईआर के आधार पर की गई है।
ईडी के मुताबिक, जांच में ऐसे संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं जो कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करवाने और उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने का काम कर रहा था।
प्रारंभिक जांच में कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। एजेंसी का आरोप है कि विदेशों से आई धनराशि को कई बैंक खातों, फर्जी खातों और छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन के जरिए इधर-उधर भेजा गया। नकद निकासी के माध्यम से भी संदिग्ध लोगों तक रकम पहुंचाने की आशंका जताई गई है।
ईडी की छापेमारी पश्चिम बंगाल के 9 ठिकानों के अलावा दिल्ली के बाटला हाउस और जामिया नगर तथा उत्तर प्रदेश के देवबंद में भी की गई। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश के कई राज्यों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। इसी क्रम में हाल ही में कर्नाटक के मंगलुरु में पुलिस ने बांग्लादेशी मूल के 19 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया था और संबंधित लेबर कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।









