सीमावर्ती जिलों में आयकर विभाग का बड़ा एक्शन, 150 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध भूमि सौदे जांच के दायरे में
समाचार गढ़ | राजस्थान के पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों में संदिग्ध जमीन खरीद-फरोख्त और काले धन के निवेश पर आयकर विभाग ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन (आई एंड सीआई) शाखा ने श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में कार्रवाई करते हुए 150 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
प्रारंभिक जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान जरूरी वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय बिल्डरों, निवेशकों और प्रॉपर्टी कारोबारियों में हलचल मच गई है।
जैसलमेर में बिना पैन के हुईं महंगी रजिस्ट्रियां
जांच के दौरान जैसलमेर में करीब 170 भूमि सौदों के रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। इनमें कई रजिस्ट्रियों में खरीदारों का पैन नंबर दर्ज नहीं मिला। आयकर विभाग को आशंका है कि 2 लाख से 50 लाख रुपए तक के कई भुगतान बैंकिंग माध्यमों की बजाय नकद किए गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यहां 80 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है। सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी जाएगी।
श्रीगंगानगर में दो वर्षों की रजिस्ट्रियां खंगाली गईं
श्रीगंगानगर में जयपुर से पहुंची नौ सदस्यीय विशेष टीम ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक की महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड जब्त किया। जांच का नेतृत्व आयकर अधिकारी सुमित तिवाड़ी ने किया। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में अनूपगढ़ क्षेत्र में करीब 75 करोड़ रुपए की संदिग्ध रजिस्ट्रियों के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
डीआईजी स्टाम्प से मांगी जाएगी मूल जानकारी
आयकर विभाग ने सभी संदिग्ध रजिस्ट्रियों का डिजिटल विवरण तैयार कर लिया है। अब मूल दस्तावेज प्राप्त करने के लिए डीआईजी स्टाम्प कार्यालय से रिकॉर्ड मांगा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक सौदे की अलग-अलग जांच कर रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी।
दो लाख से अधिक के नकद सौदे जांच के दायरे में
विभाग ने विशेष रूप से ऐसे मामलों को जांच में शामिल किया है, जिनमें दो लाख रुपए या उससे अधिक का नकद लेन-देन हुआ है। कई रजिस्ट्रियों में पैन कार्ड सहित अन्य अनिवार्य दस्तावेज नहीं मिलने पर संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।
यदि जांच में आयकर कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित मामलों में लागू प्रावधानों के तहत कर, जुर्माना और ब्याज की वसूली की जाएगी।
सीमा क्षेत्रों पर बढ़ी निगरानी
श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे सीमावर्ती जिलों में पिछले कुछ समय से जमीनों की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इन इलाकों में संदिग्ध स्रोतों से धन निवेश किया जा रहा है। इसी वजह से आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों को प्रत्येक बड़े भूमि सौदे पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार इससे पहले बाड़मेर और बीकानेर में भी आयकर विभाग ने गोपनीय तरीके से जांच कार्रवाई की थी। अब श्रीगंगानगर और जैसलमेर में की गई कार्रवाई के बाद सीमावर्ती जिलों में भूमि सौदों की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।









