समाचार-गढ़ 11 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 500 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,500 के स्तर से नीचे चला गया। हालांकि, बाद में बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49% गिरकर 78,154.25 पर और निफ्टी 112.10 अंक यानी 0.46% फिसलकर 24,471.70 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 25 शेयर लाल निशान में
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 गिरावट के साथ बंद हुए। अल्ट्राटेक सीमेंट 2.75% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर रहा। एक्सिस बैंक, इंडिगो, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड, ITC, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स समेत कई बड़े शेयरों पर भी दबाव रहा।
इसके उलट इटरनल में 2% से ज्यादा तेजी रही। इंफोसिस, टाइटन, HCL टेक और TCS भी बढ़त के साथ बंद हुए।
FMCG, मेटल और रियल्टी पर सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल प्रदर्शन में FMCG, मेटल और रियल्टी सबसे ज्यादा कमजोर रहे। प्राइवेट बैंक और ऑटो इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी फार्मा ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप करीब 0.02% नीचे रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.22% चढ़ा।
निवेशकों की दौलत ₹2.52 लाख करोड़ घटी
बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की पूंजी पर पड़ा। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक दिन में करीब ₹2.52 लाख करोड़ घट गया और यह ₹4,92,78,430 करोड़ के आसपास रह गया।
4,500 से ज्यादा शेयरों में कारोबार
BSE पर आज 4,510 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,033 शेयर बढ़त में और 2,279 गिरावट में रहे, जबकि 198 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 185 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर और 88 शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंचे।
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की तेजी और पश्चिम एशिया के तनाव ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाया, जिससे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।









